पंजाब के रोपड़ से यूपी के बांदा तक साढ़े 14 घंटे सफर करने बाद बाहुबली मुख्तार अंसारी तड़के 4:34 पर बांदा जेल पहुंचा। जेल के अंदर मुख्तार की एंबुलेंस और एक सुरक्षा गाड़ी को ही जाने दिया गया। यहां मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा गठित 4 डॉक्टरों की टीम ने अंसारी का परीक्षण किया। इसके बाद उसके सामान की तलाशी ली गई। करीब आधे घंटे तक चली प्रक्रिया के बाद उसे जेल के अंदर भेज दिया गया। बता दें कि 26 महीने बाद मुख्तार की उत्तर प्रदेश वापसी हुई है।

UP पुलिस की टीम अंसारी को लेकर रोपड़ जेल से दोपहर 2:20 बजे रवाना हुई थी। करीब साढे़ 14 घंटे में 882 किमी का रास्ता तय कर पुलिस उसे लेकर बांदा जेल पहुंची। पुलिस के काफिले में करीब 10 गाड़ियां थीं, पूरे रास्ते इनमें से आधी एम्बुलेंस के आगे तो आधी पीछे चलती रहीं। इन गाड़ियों में कुल 150 पुलिसकर्मी थे। पुलिस टीम के रास्ते में पड़ने वाले सभी जिलों में अलर्ट घोषित किया गया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- गाड़ी UP के किस बॉर्डर पर पलटेगी, ये नहीं बताऊंगा
उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से बसपा के सांसद अफजाल अंसारी ने UP सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और एक मंत्री पर गैरजिम्मेदाराना बयान देकर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने एक सार्वजनिक रैली में कहा है कि गाड़ी UP के किस बॉर्डर पर पलटेगी, ये नहीं बताऊंगा। वहीं, भाजपा के एक मंत्री ने कहा कि गाड़ी तो पलट के रहेगी। ऐसे बयान से चिंता हो रही है कि सरकार मुख्तार अंसारी को लेकर षडयंत्र रच रही है। मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि सत्ता में बैठे लोग किसी की हत्या न करें।

बांदा जेल में मुख्तार को दी गई थी चाय में जहर
अफजाल अंसारी ने कहा कि जिस बांदा जेल में मुख्तार को शिफ्ट किया जा रहा है, वहां पहले भी उन्हें चाय में जहर देकर मारने की कोशिश हो चुकी है। उन्हें न्यायपालिका पर तो पूरा भरोसा है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की नीयत पर उन्हें भरोसा नहीं है। हम सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की गुहार लगा चुके हैं।

मनमानी की तो तानाशाहों का अंत नजदीक
अफजाल अंसारी ने उत्तरप्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि वे मनमाने ढंग से कुछ करते हैं, तो ऐसे तानाशाहों के अंत का समय निकट है। तानाशाही खत्म करने के लिए बलिदान की जरूरत है। अगर ऐसा कुछ होता है, तो मैं विचार करूंगा कि तानाशाह सरकार के अंत के लिए मुख्तार की बलि दी गई है।

हैंडओवर करने से पहले कोरोना टेस्ट
जेल के बाहर सख्त बैरिकेडिंग की गई थी। मुख्तार को हैंडओवर करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर अपने पति का हाल विकास दुबे जैसा होने की आशंका जताई है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने और केंद्रीय बल लगाने की मांग की है।

पत्नी को डर, बदले की कार्रवाई हो सकती है
अफशां ने अपनी याचिका में कहा कि माफिया डॉन बृजेश सिंह बेहद प्रभावशाली है। वह मुख्तार अंसारी को मारने की साजिश रच रहा है। उनका कहना है कि मुख्तार के खिलाफ चल रहे मामलों को फेयर तरीके से चलाया जाना चाहिए। अगर राजनीतिक बदले में कोई कार्रवाई की जाती है तो वह सही नहीं होगा। अफशां ने इस सिलसिले में राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा था।

सुरक्षा कारणों से नहीं बताया रूट
UP पुलिस ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि वह किस रूट से मुख्तार को लाएगी। उसका कहना है कि ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। बता दें कि 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को UP की जेल वापस भेजने का आदेश दिया था।

मुख्तार अंसारी को एम्बुलेंस में बिठाया गया। मुख्तार व्हील चेयर से एम्बुलेंस तक पहुंचा।- फाइल

मुख्तार अंसारी को एम्बुलेंस में बिठाया गया। मुख्तार व्हील चेयर से एम्बुलेंस तक पहुंचा।- फाइल

आधुनिक असलहों के साथ पंजाब पहुंची UP पुलिस
ADG प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश को मुख्तार अंसारी को पंजाब से बांदा जेल लाने की जिम्मेदारी दी गई है। अंसारी को सड़क के रास्ते ही बांदा जेल शिफ्ट किया जाएगा। सोमवार को बांदा पुलिस लाइन से चित्रकूट धाम मंडल के करीब 100 जवानों को पंजाब रवाना किया गया था। 20 से अधिक पुलिस की गाड़ियों के काफिले में वज्र वाहन और एम्बुलेंस भी शामिल हैं।

टीम में एक सीओ, दो इंस्पेक्टर, छह सब इंस्पेक्टर, 20 हेड कॉन्स्टेबल, 30 कॉन्स्टेबल और PAC की एक कंपनी है। पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य हाइटेक सुविधाओं से लैस है। एम्बुलेंस में वरिष्ठ डॉक्टर एसडी त्रिपाठी के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है। यह टीम आज सुबह 4 बजे रोपड़ की रूपनगर पुलिस लाइन पहुंची थी।

मुख्तार को रोपड़ जेल के मेन गेट की बजाय दो नंबर गेट से निकालकर एम्बुलेंस में बिठाया गया।

मुख्तार को रोपड़ जेल के मेन गेट की बजाय दो नंबर गेट से निकालकर एम्बुलेंस में बिठाया गया।

मुख्तार के बड़े भाई ने जेल में षड्यंत्र की आशंका जताई
मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी ने आशंका जताई है कि उत्तर प्रदेश की जेल में रखे जाने पर मुख्तार अंसारी के साथ कोई षड्यंत्र रचा जा सकता है। अफजाल अंसारी ने इसके खिलाफ कोर्ट जाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार द्वारा ही सुरक्षा पर संकट पैदा किया जा रहा है तो न्यायपालिका की शरण में जाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचता है।

मुख्तार अंसारी को क्यों लाया गया था पंजाब?
8 जनवरी 2019 को मोहाली के एक बड़े बिल्डर की शिकायत पर वहां की पुलिस ने अंसारी के खिलाफ 10 करोड़ की फिरौती मांगने का केस दर्ज किया था। 12 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट हासिल करने के लिए पुलिस कोर्ट पहुंची। 21 जनवरी 2019 को मोहाली पुलिस मुख्तार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर उत्तर प्रदेश से मोहाली ले आई। 22 जनवरी को कोर्ट ने उसे एक दिन की रिमांड पर भेज दिया। 24 जनवरी को उसे न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया गया।

8 बार लौटी UP पुलिस
2 साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम 8 बार अंसारी को लेने पंजाब गई, लेकिन हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर पंजाब पुलिस ने सौंपने से इनकार कर दिया। पंजाब पुलिस डॉक्टर की सलाह का हवाला देती रही कि अंसारी को डिप्रेशन, शुगर, रीढ़ की बीमारियां हैं। ऐसे में उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। कानपुर में बिकरु कांड के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अंसारी ने जान का खतरा बताया था, उसने पत्र लिखकर आशंका जताई थी कि जैसे दुबे की जीप पलट गई और जान चली गई, ऐसे मेरी भी जा सकती है।

मुख्तार अंसारी का क्राइम रिकॉर्ड
ADG कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश भर में 52 केस दर्ज हैं। 15 विचाराधीन केस में मुख्तार को जल्द सजा दिलाए जाने का प्रयास जारी है। मुख्तार अंसारी के बिहार के सहाबुद्दीन गैंग से भी संपर्क में हैं। अंसारी और उसके गैंग की 192 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों के जब्तीकरण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मुख्तार गैंग की अवैध और बेनामी संपत्तियों का चिन्हीकरण लगातार जारी है। मुख्तार गैंग के अब तक 96 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 75 गुर्गों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई यूपी पुलिस ने की है। मुख्तार गैंग के 72 सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों का निरस्तीकरण किया गया। मुख्तार गैंग से जुड़े 7 ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की गई। फर्जी एंबुलेंस मामले में मुख्तार पर बाराबंकी में भी मुकदमा दर्ज हुआ है।