पुलिस और शराब माफिया गठजोड़ पर बड़ी चोट करते हुए योगी सरकार ने प्रतापगढ़ जिले में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश द्विवेदी और पुलिस उपाधीक्षक कुंडा जितेंद्र परिहार को निलंबित कर दिया है। इस मामले में प्रतापगढ़ के एसपी आकाश तोमर ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ शराब माफिया से मिली भगत की जानकारी शीर्ष अधिकारियों को दी थी। उन्होंने इस संबंध में एक रिपोर्ट भी आईजी प्रयागराज और एडीजी प्रयागराज के जरिए शासन को भेजी थी। इस मामले में शासन ने न सिर्फ दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है बल्कि दोनों ही अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन से जांच कराए जाने का आदेश भी दिया है।

सूत्रों की मानें तो प्रतापगढ़ में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार पुलिस की मिलीभगत से हो रहा था। पिछले महीने दो अलग अलग थाना क्षेत्रों में अवैध शराब से एक दर्ज से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद एक्शन में आए एसपी आकाश तोमर ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। कुंडा सर्किल के दो थाने कुंडा कोतवाली और हथिगवां थाना क्षेत्र में एसपी ने अपनी टीम भेजकर जांच कराई तो बड़े पैमाने पर अवैध शराब के कारोबार का पता चला।

एसपी ने जेसीबी मशीन लगवाकर कर जब खुदाई शुरु कराई तो ब्रांडेड शराब की हजारों पेटियां बरामद हुईं। एसपी ने दोनों ही थाना क्षेत्रों में चार दिनों तक कार्रवाई कराई। इसमें पुलिस की सीधी मिलीभगत सामने आई जिसके बाद एसपी ने दोनों थाने के इंचार्ज को तत्काल निलंबित करते हुए सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अधिकारियों के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट के आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।