छत्तीसगढ़ में रविवार को हुए नक्सली हमले में शहीद हुए कोबरा कमांडो राजकुमार यादव का पार्थिव शरीर देर रात अयोध्या उनके पैत्रिक निवास पर पहुंचा। जैसे ही शहीद राजकुमार का शव रानो पाली स्थित उनके घर पहुंचा पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के साथ ही आस-पास के लोग भी आंसुओं के सैलाब में डूब गए।

उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इसके बाद आज दिन में सरयू घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। बीजापुर में नक्सलियों के हमले में पैरा मिलिट्री फोर्स के 22 जवान शहीद हो गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी राजकुमार यादव और चंदौली निवासी धर्मदेव कुमार भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं।

सोमवार को उनके पार्थिव शरीर चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाए गए, यहां से ससम्मान गृह जनपदों को रवाना किया गया। इस दौरान सीआईएसएफ और सीआरपीएफ अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ की घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया दु:ख
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में जवानों की शहादत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय देकर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों के इस बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने शहीद हुए यूपी के दो जवानों अयोध्या के राजकुमार यादव और चंदौली के धर्मदेव कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए शहीद के परिजनों को 50-50 लाख रुप्रये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और शहीद के गृह जिले में उसके नाम पर एक सड़क का नामकरण करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोक की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शहीदों के परिवार के साथ है। शहीद जवानों के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।