उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2021) के चलते कई अजब-गजब मामले सामने आ रहे हैं. इसी बीच बलिया के विकासखंड मुरलीछपरा के ग्राम पंचायत शिवपुर कर्ण छपरा गांव में चुनाव के लिए एक व्यक्ति ने आननफानन में शादी कर ली. लगभग एक दशक तक समाज सेवा करने के बाद ग्राम प्रधान बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए, एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने अपने गांव की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित होने के बाद शादी कर ली.

बलिया जिले के करण छपरा गांव के हाथी सिंह ने 2015 में अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और वह उपविजेता रहे थे. लेकिन इस बार उनकी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित की गई और सिंह की इस बार निर्वाचित होने की उम्मीद टूट गई. जिसके बाद उनके समर्थकों ने सुझाव दिया कि वह शादी कर लें, ताकि उनकी पत्नी चुनाव लड़ सकें. लोगों की सलाह मानते हुए सिंह ने आखिरकार 26 मार्च को शादी कर ली. दिलचस्प बात यह है कि इस शादी को ‘खर-मास’ के दौरान संपन्न कराया गया, जिसे हिंदू परंपराओं के अनुसार शुभ नहीं माना जाता.

हाथी सिंह बोले 5 साल से कर रहा हूं तैयारी

उन्होंने कहा, “मुझे 13 अप्रैल को नामांकन से पहले शादी करनी थी. उनकी पत्नी स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही है और अब ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सिंह ने कहा, “मैं पिछले पांच सालों से कड़ी मेहनत कर रहा हूं और मेरे समर्थक भी हमारे लिए प्रचार कर रहे हैं. यह मुख्य रूप से मेरे समर्थकों के कारण है कि मैंने कभी शादी न करने के अपने फैसले को बदलने का फैसला किया. मेरी मां 80 साल की हैं और वह चुनाव नहीं लड़ सकती. ”