करीब डेढ़ साल से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और पंजाब सरकार (Punjab Government) के बीच सीधी-सीधी तनातनी का कारण बना, मऊ (Mau) के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) मामले में एक और बड़ी खबर बुधवार को निकल कर सामने आई. पता चला है कि मुख्तार अंसारी के ऊपर “पोटा” का मुकदमा लगाने वाले यूपी पुलिस के पूर्व डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) शैलेंद्र कुमार सिंह (Shailendra Kumar Singh), जिनके ऊपर पूर्व सरकार ने कई मुकदमे लाद दिए थे. मौजूदा योगी आदित्यनाथ की हुकूमत ने यूपी पुलिस के तत्कालीन डिप्टी एसपी के ऊपर से उन सभी मुकदमों को तत्काल प्रभाव से रद्द करवा दिया है. यह कार्रवाई बाकायदा अदालत के जरिये की गई है. मतलब आज मुकदमा हटवाए जाने संबंधी आदेश को लेकर आईंदा ताकि, कोई और सरकार नया बखेड़ा अपने हिसाब या नजरिये से खड़ा कर ही न पाए.

इस बारे में बुधवार को मय अदालती आदेश खुद पीड़ित और कई साल से मुकदमेबाजी झेल रहे, यूपी पुलिस के पूर्व डिप्टी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने फेसबुक एकाउंट के जरिए जानकारी दी है.  उन्होंने यूपी सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम के लिए शुक्रिया भी अदा किया है. शैलेंद्र कुमार सिंह फेसबुक पोस्ट में अदालती आदेश के हवाले से लिखते हैं, “साल 2004 में जब मैने मुख्तार अंसारी पर LMG मामले में प्रिवेंशन ऑफ टेरेरिज्म एक्ट  यानि POTA (The Prevention of Terrorism Act, 2002 ) लगाया था. उस वक्त की सरकार ने मुख्तार को बचाने के लिए मेरे ऊपर ही मुकदमा ठोंक दिया. मैं उस वक्त यूपी में रही सरकार के काबू में नहीं आया. भले ही मुझे यूपी पुलिस के डिप्टी एसपी के पद से ही क्यों न इस्तीफा दे देना पड़ा था.”Shailendra Kumar Singh

शैलेंद्र कुमार सिंह.

‘सरकार ने अपने कारिदों से मेरे ऊपर आपराधिक मुकदमा लिखवाया’

तत्कालीन सरकार के रवैये से कुपित और यूपी के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की लगाम बुरी तरह से कसने वाले, यूपी पुलिस के पूर्व एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह आगे बताते हैं कि, “जब तत्कालीन सरकार को लगा कि मैं किसी तरह से उसके काबू में नहीं आ रहा हूं. तो सरकार ने अपने कारिदों से वाराणसी में मेरे ऊपर आपराधिक मुकदमा लिखवा डाला. उस सरकार को इतने से ही तसल्ली नहीं मिली थी. सो मुझे सबक सिखाने और मुख्तार को बेदाग बचाने के फेर में उलझी पूर्व सरकार ने मुझे गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया. अब मौजूदा सरकार (योगी आदित्यनाथ की हुकूमत) ने मेरे ऊपर पिछली सरकार द्वारा रंजिशन लादे गए मुकदमे को बजरिए अदालत रद्द करवा दिया है. इसकी संस्तुति/स्वीकृति मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी यानि सीजेएम कोर्ट द्वारा 6 मार्च 2021 कर दी गई है.”

‘मुख्तार अंसारी के कब्जे से बरामद हुई थी लाइट मशीन गन’

शैलेंद्र कुमार सिंह साल 2004 में यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानि एसटीएफ में डिप्टी एसपी थे. शैलेंद्र को पता चला कि, सेना का एक भगोड़ा Light Machine Gun यानि LMG लेकर फरार हो चुका है. यह घातक मशीनगन वो माफिया मुख्तार अंसारी को बेचने वाला है. आरोपी को शैलेंद्र सिंह की टीम ने दबोच लिया. शैलेंद्र कुमार सिंह का दावा था कि, वो लाइट मशीन गन बाद में मुख्तार अंसारी के कब्जे से बरामद हुई थी. लिहाजा शैलेंद्र सिंह ने बहैसियत डिप्टी एसपी एसटीएफ मुख्तार पर कानूनी चाबुक चलाते हुए, उसके खिलाफ पोटा जैसे खतरनाक कानून का तहत मुकदमा कायम कर दिया. इसके बाद शैलेंद्र कुमार सिंह और मुख्तार अंसारी के बीच जो जंग शुरू हुई. फिर उसमें जिस तरह से तब की सरकार ने संदिग्ध भूमिका निभाई, उसके बाद शैलेंद्र कुमार सिंह को यूपी पुलिस के डिप्टी एसपी के पद से इस्तीफा देना पड़ गया था.