देश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर शुरू होने के बाद सरकार ने टेस्टिंग भी बढ़ा दी है। जनवरी में कोरोना के मामले कम आने के कारण टेस्टिंग को प्रतिदिन घटाकर छह लाख कर दिया गया था। अब एक बार फिर 10 लाख प्रतिदिन के स्तर को पार कर चुकी है। मार्च के दूसरे हफ्ते से अब तक पिछले 15 दिनों में टेस्टिंग 38% बढ़ा दी गई है।

केंद्र सरकार ने माना था, टेस्टिंग कम होने के कारण बढ़े केस
केंद्र सरकार ने पिछले साल दीपावली के दौरान दिल्ली में मरीजों के बढ़ने का मुख्य कारण टेस्टिंग कम होना ही बताया था। केंद्र सरकार के मुताबिक, टेस्टिंग कम होने से बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे लोग बिना किसी रोक-टोक के बाहर घूमते हैं। इनसे संक्रमण तेजी से फैलता है।

अब तक 24 करोड़ से ज्यादा लोगों की जांच
देश में अब तक 24 करोड़ 36 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। इनमें 5% यानी 1.21 करोड़ लोग संक्रमित पाए गए। अब तक 1.14 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 5.49 लाख मरीजों का इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते 1.62 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है।

13 राज्यों में नेशनल एवरेज से ज्यादा संक्रमित मिल रहे
देश के 13 राज्यों में केस पॉजिटिविटी रेट नेशनल एवरेज से भी ज्यादा है। देश में संक्रमितों की मिलने की रफ्तार 5% है। अब 13 राज्यों के हालात देखें तो सबसे ज्यादा 14.1% की स्पीड से महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की पुष्टि हो रही है। गोवा दूसरे नंबर पर है। यहां पॉजिटिविटी रेट 10.7% है। नगालैंड में 9, चंडीगढ़ और केरल में 8.6%, सिक्किम में 7.5%, पश्चिम बंगाल में 6.4%, पुडुचेरी में 6.2%, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में 6%, त्रिपुरा में 5.2%, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में 5.1% पॉजिटिविटी रेट है।

मौत के मामले में पंजाब और सिक्किम आगे
डेथ रेट के मामले में पूरे देश में पंजाब और सिक्किम सबसे आगे हैं। यहां भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की सबसे ज्यादा जान जा रही है। पंजाब में 2.9% और सिक्किम में 2.2% डेथ रेट है। मतलब पंजाब में हर 100 मरीजों में 3 लोग जान गंवा रहे हैं, जबकि सिक्किम में 2 मौतें हो रहीं हैं।