आज देश में रंगों का त्योहार होली खेली जा रही है। रंगों का यह त्योहार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका जलाने के बाद अगले दिन मनाया जाता है। होली भारत के मुख्य पर्वों में से एक है जिसे बेहद धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। रंगों के साथ होली में गुजियों की मिठास, प्रेम, बंधुत्व, लोक कला, फागुन के गीत आदि की छटा भी देखने को मिलती है। इस साल होली पर कई संयोग बन रहे हैं जिससे होली के त्योहार का महत्व और बढ़ जाएगा। 

मकर राशि में शनि और देवगुरु बृहस्पति
होली में इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग, ध्रुव योग, अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिन्हें मुहूर्त शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है। वहीं ग्रह नक्षत्र की बात करें तो, होली के दिन चंद्रमा कन्या राशि में स्थित होगा। इसके अलावा दो सबसे बड़े और अहम ग्रह शनि और गुरु, होली के दिन मकर राशि में विराजमान होंगे। वहीं शुक्र और सूर्य ये दोनों ही मीन राशि में रहेंगे। मंगल और राहु वृषभ राशि में, बुध कुंभ राशि और केतु वृश्चिक राशि में विराजमान होगा।

होलिका दहन मुहूर्त 2021
28 मार्च को दिन में 1 बजकर 54 मिनट पर भद्रा समाप्त हो जाएगा। ऐसे में प्रदोष काल में इस बार होलिका दहन किया जाना शुभ फलदायी रहेगा। होलिका दहन का मुहूर्त शाम 06:20 से 08:41 तक रहेगा। इस वर्ष होलिका दहन के समय वृद्धि योग उपस्थित रहेगा। अपने नाम के अनुसार यह योग सभी शुभ कर्मों में वृद्धि और उन्नति प्रदान करने वाला रहेगा। वृद्धि योग के साथ होलिका दहन के दिन कई और भी शुभ योग उपस्थित होंगे।

फाल्गुन पूर्णिमा 2021
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – मार्च 28, 2021 को 03:27 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – मार्च 29, 2021 को 00:17 बजे