मिस्र की स्वेज नहर में मंगलवार को फंसे विशालकाय मालवाहक जहाज से स्वेज नहर में ट्रैफिक जाम है। इसमें उत्तर प्रदेश के भदोही की कालीन भी फंसी है। जनपद के एक बड़े कालीन निर्यातक का 110 लाख का कालीन मिस्र के स्वेज नहर की जाम में फंसी है। बताया जा रहा है कि स्वेज नहर में एक अन्य कार्गो के फंसने से यह स्थिति हुई है। कार्गो को हटाने के प्रयास चल रहे हैं। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही उसके पीछे लगे कार्गो आगे बढ़ सकते हैं। कालीन निर्यातक ने दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई है।

बता दें कि दुनिया के सबसे व्यस्त कारोबारी मार्ग स्वेज नहर में चीन से माल लेकर एक विशाल मालवाहक जहाज एवरग्रीन के फंस जाने से जाम लग गया है। भदोही के गोपीगंज के प्रमुख कालीन निर्यातक, कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के प्रशासनिक समिति के सदस्य संजय गुप्ता ने बताया कि तीन सप्ताह पूर्व उन्होंने भदोही से दो कंटेनर माल एम्सटरडैम के लिए मुंबई पोर्ट से भेजा था। इसकी कीमत लगभग 110 लाख रुपये है। बताया कि दो दिन पूर्व खबर मिली कि कोई दूसरी कार्गो स्वेज नहर में जाकर फंस गई है। इससे उसके पीछे के सारे जहाज जहां-तहां ठहर गए हैं।

संजय गुप्ता ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम की दूसरे जहाजों में क्या है लेकिन उसमें एक जहाज के दो कंटेनर में उनका माल है। निर्यातक ने कहा कि सूचना मिलने के बाद से परिवार में सबकी नींद उड़ गई है। हम लोग 24 घंटे उक्त घटना पर नजर रखे हैं। बताया गया है कि रास्ता खाली होने में तीन दिन का समय और लग सकता है। कहा, माल आयातक के यहां पहुंचने में आमतौर पर 18 दिन लगते हैं लेकिन इस माल को 21 दिन से अधिक दिन हो चुके हैं। ऐसे में यदि शीघ्र रास्ता खाली न हुआ तो आयातक आर्डर रद भी कर सकता है।