पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे बिल्डर अंकित दास के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में साझीदार ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि अपहरण कर बिल्डर को बंधक बनाकर, करोड़ों की जमीन हड़प ली और रिवाल्वर दिखाकर लग्जरी कार कब्जा कर लिया। पीड़ित के मुताबिक लखनऊ पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व अन्य उच्चाधिकारियों के पोर्टल पर किया गया। इसके बाद कमिश्नर ने संज्ञान लेकर मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज कर लिया।

मूलरुप से देवरिया के भीखमपुर रोड निवासी राकेश कुमार मिश्रा लखनऊ में लिवाना अपार्टमेंट सुशांत गोल्फ सिटी में रहते हैं। राकेश के मुताबिक वह बिल्डर अंकित दास के साथ तीन साल से पार्टनर थे। इसी दौरान उन्होंने दूसरे व्यापारी विजेंद्र वर्मा व उनकी पत्नी वसंती वर्मा के साथ मिलकर कारोबार शुरू किया। यह बात अंकित दास व उनकी पत्नी रूपाली दास को नागवार लगी। इसी बात से वह रंजिश रखने लगे। राकेश का आरोप है कि उनके मोबाइल पर अंकित दास कई बार धमकी भी दे चुके थे।

18 जून 2020 को दिन में कार्यालय रिवेरा अपार्टमेंट 1090 चौराहे के पास बुलाया। वहां राकेश अपने कर्मचारी वरूणदेव मिश्र व चालक अभिमन्यु उर्फ गोवर्धन कश्यप के साथ पहुंचा। आरोप है कि जहां अंकित दास, लतीफ काले, मृदुल भदौरिया, मो. कासिम, अब्दुल्ला सिद्दीकी, इस्तियाक अली, राहुल शर्मा, विनोद थापा व कई अन्य लोग मौजूद थे। इन लोगों ने राकेश व उसके साथियों को बंधक बना लिया। राकेश को लखीमपुर के एक होटल लेकर गये। जहां तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा।

वहीं कर्मचारी वरूणदेव मिश्रा को कैंट इलाके में अपने किराए फ्लैट में बंधक बना लिया। बंधक बनाने के दौरान रिवाल्वर दिखाकर दो चेक बुक पर दस्तखत कराये। स्टाम्प पेपर व सादे कागज पर भी दस्तखत कराया। इसके बाद उनकी लग्जरी कार भी कब्जा कर ली। जिसे उन्होंने देवरिया एसबीआई से लोन कराकर लिया था। 21 जून की रात को उन्हें छोड़ा। इसके बाद 23 जून को 2000 वर्ग फीट की जमीन को दानपात्र में अपनी पत्नी रूपाली के नाम पर स्थानांतरित करवा लिया।

आरोप है कि दो चेक के जरिए अंकित दास ने एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम भरकर करंट एकाउंट में लगा दी। जो स्टाप पेमेंट होने के कारण बाउंस कर गया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर की। इसके अलावा मुख्यमंत्री, डीजीपी सहित कई अधिकारियों को डाक के जरिए शिकायती पत्र भेजा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।विज्ञापन

अंकित ने भी दर्ज कराया था मुकदमा

गौतमपल्ली थाने में बिल्डर अंकित दास ने 14 जुलाई 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें राकेश कुमार मिश्रा व वरूण देव मिश्रा को आरोपी बनाया था। आरोप था कि दोनों ने मिलकर अंकित दास का तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली। इसका हिसाब नहीं दे रहे हैं। जून में राकेश अपनी पत्नी के साथ उनके कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने जमीन के कागज व कुछ चेक दी।

जमीन के बारे में कहा कि एक प्लॉट उनके व एक प्लॉट पत्नी के नाम से है। जिसे वह उनको दे देंगे। लेकिन खाते में भुगतान के लिए चेक लगाते ही बाउंस कर गया। वहीं वरूण देव ने भी 10 लाख रुपये की जमीन हड़प ली। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। वहीं अंकित के करीबी अब्दुल्लाह सिद्दीकी ने वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें एग्रीमेंट 31 जनवरी की दिखाई। वहीं चेक 5 फरवरी का लेना दिखा दिया।

इन मामलों की शिकायत पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से की गई। तो वजीरगंज के मामले में अंतिम रिपोर्ट लग गई । लेकिन गौतपल्ली के मामले की विवेचना जारी है। वहीं बिल्डर अंकित दास का कहना है कि राकेश उनके पार्टनर थे। उन्होंने करोड़ों रुपये हड़प लिया। जब जानकारी हुई तो उनसे पूछताछ की गई तो वह टालमटोल करने लगे। उनके खिलाफ कई जालसाजी के मुकदमें दर्ज हैं।

वहीं प्रभारी निरीक्षक अनूप सिंह के मुताबिक राकेश द्वारा दी गई तहीरर केआधार पर अंकित दास, लतीफ काले, मृदुल भदौरिया, मो. कासिम, अब्दुल्ला सिद्दीकी, इश्तियाक अली, राहुल शर्मा, विनोद थापा और कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।