पुलिस ने बताया कि रेलवे में नौकरी लगने का दावा करते हुए जालसाज चयनित अभ्यार्थियों की फर्जी सूची जारी करने के बाद उन्हें फोन करके 15 लाख की मोटी रकम की मांग करते थे। डीसीपी मध्य ने बताया कि इस मामले को लेकर गुजरात के राजकोट शहर में रेलवे की फर्जी वेबसाइट बना कर किए जा रहे फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज हुआ था।

लखनऊ
राजधानी में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले दर्जनों मामले सामने आते रहते हैं। इसी से जुड़ा हुआ एक नया मामला शुक्रवार को सामने आया है। जहां लखनऊ कमिश्नरेट की मध्य टीम ने सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क यूपी समेत कई अन्य राज्यों में फैला हुआ था। गुजरात पुलिस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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फर्जी वेबसाइट बनाकर निकालते थे विभिन्न पदों पर भर्तियां
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा ने बताया कि गिरोह ने रेलवे विभाग की वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट बनाई थी। जिस पर जालसाजों की ओर से विभिन्न पदों पर निकली भर्तियों के विज्ञापन अपलोड किए जाते थे। नौकरी के लिए भटक रहे लोग विज्ञापन देखकर अन्य जानकारी लेते थे, जिसमें ऑनलाइन आवेदन मांगे जाता था। कुछ समय बाद जालसाजों की ओर से ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर चयनित अभ्यर्थियों की सूची को फर्जी रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता था।

नौकरी लगने का दावा करके मांगते थे 15 लाख की रकम
पुलिस ने बताया कि रेलवे में नौकरी लगने का दावा करते हुए जालसाज चयनित अभ्यार्थियों की फर्जी सूची जारी करने के बाद उन्हें फोन करके 15 लाख की मोटी रकम की मांग करते थे। डीसीपी मध्य ने बताया कि इस मामले को लेकर गुजरात के राजकोट शहर में रेलवे की फर्जी वेबसाइट बना कर किए जा रहे फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसको लेकर राजकोट की क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही थी। जांच के दौरान उनके संज्ञान में आया कि चयनित अभ्यार्थियों की ट्रेंनिंग में लखनऊ कराई जाती है। इसके बाद राजकोट की क्राइम ब्रांच की टीम लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को मामले की जानकारी साझा करते हुए लखनऊ पहुंची।

रेलवे कॉलोनी में ही बनाया था जालसाजी का अड्डा
गुजरात पुलिस से मिलकर मामले की छानबीन कर रही कमिश्नरेट की टीम ने बताया कि देर रात सर्विलांस टीम की मदद से आलमबाग रेलवे कॉलोनी में छापेमारी की गई, जहां बने एक मकान में फर्जी ट्रेनिंग सेंटर चलाए जाने का खुलासा हुआ। रेलवे कालोनी स्थित मकान में छापेमारी के दौरान देवरिया निवासी हिमांशु पाण्डेय, बिहार निवासी शशि प्रकाश गुप्ता और पारा निवासी सूरज मौर्य को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अभी तक उनका गिरोह लगभग 30 लोगों को शिकार बना चुका है, जिनसे 5 करोड़ रुपये तक ठगी की जा चुकी है।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान लखनऊ में चल रहे फर्जी ट्रेनिंग सेंटर से कम्प्यूटर, रेलवे की मोहर, नक्शे और ट्रेनिंग से जुड़ी हुई सामग्री के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि रेलवे में नौकरी के नाम पर करोड़ो की ठगी करने वाले गिरोह का यूपी के लखनऊ के साथ गुजरात, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों में नेटवर्क फैला हुआ है। इसी के साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।