मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तमाम निर्देश के बावजूद कई जिलों में तैनात जिलाधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे अधिकारियों की नकेल कसने की कवायद शासन ने शुरू कर दी है। शासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार फोन न उठाने के मामले में बेपरवाह अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब-तलब किया गया है।

सूत्रों की माने तो इसमें कई मंडलायुक्त, डीएम व एसपी-एसएसपपी शामिल हैं। इस बाबत शासन ने 20 से अधिक जिलाधिकारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इसी मामले में वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के मंडलायुक्त से जवाब-तलब किया गया है।

नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने दी नोटिस

इस संबंधी में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने रैंडम आधार पर कुछ जिलों के डीएम, कमिश्नर व एसपी व एसएसपी के सीयूजी नंबर पर काल किया। कुछ ने उठाया कुछ ने नहीं उठाया। कुछ ने बाद में काल बैक किया तो कुछ के पीआरओ ने उठाया।

मांगा गया स्पष्टीकरण
सूत्रों के मुताबिक गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बदायूं, अलीगढ़, कन्नौज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, अमरोहा, पीलीभीत, बलरामपुर, गोंडा, जालौन, कुशीनगर, औरया, कानपुर देहात, कानपुर, झांसी, मऊ, आजमगढ़ के डीएम से कहा गया है कि आपने सीयूजी फोन क्यों नहीं उठाया। यही सवाल वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के डीएम से भी पूछा गया है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है।