• राज्य में 3,396 लोगों का चल रहा इलाज, अब तक 8,760 लोगों की हुई मौत, रिकवरी रेट 98%

यदि वैक्सीन लगवाने के बाद आप इस बात के लिए बेफिक्र हैं कि अब कोरोना नहीं होगा तो यह सोच खतरनाक साबित हो सकती है। ताजा मामला लखनऊ का है। यहां Covaxin की दोनों डोज लगवाने के बावजूद सिविल अस्पताल में तैनात इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉक्टर नितिन मिश्रा कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे अपने घर में आइसोलेट हैं। यह प्रदेश का इकलौता मामला है। सिविल अस्पताल के CMS डॉ. एसके नंदा ने बताया कि डॉक्टर मिश्रा के संपर्क में आने वाले लोगों का टेस्ट करवाया जा रहा है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 542 नए मामले सामने आए। इसके बाद एक्टिव केस की 3,396 हो गई है। अब तक 8,760 लोगों की मृत्यु हुई है। प्रदेश में रिकवरी रेट 98% है।

सकते में अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी
हजरतगंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल हॉस्पिटल के डॉ. नितिन मिश्रा ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाया था। पहला डोज 15 फरवरी को और दूसरी दोस्त 16 मार्च को लगी थी। इसके बाद उन्हें 20 मार्च को हल्का बुखार आया। इसके बाद उन्हें कोविड-19 होने की आशंका हुई तो उन्होंने सैंपलिंग कराई। 21 मार्च को कोविड-19 की पॉजिटिव आने पर सिविल हॉस्पिटल के स्वास्थ्य कर्मियों सकते में आ गए। फिलहाल डॉ. एसके नंदा का कहना है कि उनके सम्पर्क आने वाले सभी को होम आइसोलेट कर उनकी जांच कराई जा रही है।

योगी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम को हाई लेवल मीटिंग आवास पर बुलाई है। योगी ने कोरोना से बचाव व उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखे जाने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन तथा एयर पोर्ट पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर तथा रैपिड एन्टीजन टेस्ट की व्यवस्था रहे। कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कोविड वैक्सीनेशन की नियमित समीक्षा की जाए। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एंड कन्ट्रोल सेन्टर में एक विंग गठित करते हुए इसके माध्यम से लोगों को वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में जानकारी दी जाए।