यूपी में त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पहले तैयार सूची में भारी उलटफेर की सम्‍भावना है। गोरखपुर की 50 से 60 फीसदी ग्राम पंचायतों में आरक्षण आवंटन बदल सकता है। सम्‍भावना है कि 20 मार्च तक अनंतिम सूची का प्रकाशन हो जाए। 

इसके बाद आपत्तियां मंगाकर उनका निस्‍तारण किया जाएगा। नए आरक्षण फार्मूले के तहत 26 मार्च को अनंतिम सूची का प्रकाशन करने की तैयारी है। इसके पहले दो मार्च को ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ब्लाक प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। यह सूची 1995 को आधार वर्ष मानकर तैयार की गई थी। लेकिन हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक जनहित याचिका पर निर्णय देते हुए सरकार की अनंतिम सूची से अपनी असहमति जताई। हाईकोर्ट ने 2009 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण आवंटन करने का निर्देश दिया। कैबिनेट ने आधार वर्ष बदलने की पुष्टि कर दी है। इसके बाद जिला स्तर पर नई व्‍यवस्‍था के अनुसार आरक्षण आवंटन की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारों के मुताबिक गांव, जिला पंचायत वार्ड, क्षेत्र पंचायत वार्ड और ग्राम पंचायत वार्डों के आरक्षण में 60 से 70 फीसदी तक बदलाव हो सकता है। 

इस ढंग से होगा आरक्षण आवंटन 
नए आरक्षण फार्मूले के मुताबिक 2015 के चुनाव में जो गांव अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित रहे होंगे, वहां इस बार उस वर्ग के लिए उनका आरक्षण नहीं होगा। यही स्थिति ओबीसी और ओबीसी महिला के लिए आरक्षित गांवों की भी रहेगी। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि यदि किसी ब्लाक में 64 गांव हैं और अनुसूचित जाति वर्ग का कोटा 15 गांवों का है तो आरक्षण तय करते समय सबसे पहले उन 15 गांवों को अलग कर लिया जाएगा जो 2015 के चुनाव में एससी या एससी महिला के लिए आरक्षित थे। बाकी 49 गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी देखी जाएगी।

सर्वाधिक आबादी वाले 15 गांवों को ऊपर से इस वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। इसी तरह ओबीसी में पिछले चुनाव में यदि 17 गांव आरक्षित थे तो इस बार उन सभी गांवों को अलग कर लिया जाएगा। बाकी 47 गांवों में से ओबीसी की सर्वाधिक आबादी वाले 17 गांवों को इस वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा। इस तरह ब्लाक में 32 गांव एससी, एससी महिला, ओबीसी एवं ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होंगे। बाकी गांवों को महिला के लिए और अनारक्षित रखा जाएगा। कुल आरक्षित गांव, जिला पंचायत वार्ड, क्षेत्र पंचायत वार्ड, ग्राम पंचायत वार्ड, ब्लाक प्रमुख पदों की संख्या में कोई अंतर नहीं आएगा। गोरखपुर में ग्राम प्रधान के कुल 1294, ब्लाक प्रमुख के 20,  ज़िला पंचायत सदस्य के कुल 68 वार्ड, क्षेत्र पंचायत सदस्य के कुल 1700 वार्ड और ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 16372 पद हैं।