उत्तर प्रदेश के कानपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपराधी विकास दुबे व जयकांत उर्फ जय बाजपेयी समेत 29 लोगोंं की संपत्ति का ब्यौरा जुटाने के लिए कानपुर में डेरा डाला हुआ है। सूत्रों की माने तो ED की एक 7 सदस्य टीम कानपुर आई हुई है। टीम ने अपराधी विकास दुबे व जयकांत बाजपेयी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जल्द ही ED पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपराधी विकास दुबे से जुड़ेे जयकांत उर्फ जय वाजपेयी सहित अन्य लोगों पर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।

सूत्रों ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में ED की सात सदस्यीय टीम कानपुर पहुंची। टीम ने जरीव चौकी, कल्याण पुर, पनकी आदि क्षेत्रों में फैली विकास दुबे से संबंधित संपत्तियों को देखा। इनमें मकान, होटल, अस्पताल और एक पेट्रोल पंप भी शामिल है। नवावगंज में एक मेडिकल स्टोर का भी ED ने निरीक्षण किया।

ED की टीम ने जय बाजपेयी के खिलाफ शिकायत करने वाले अधिवक्ता सौरभ भदौरिया से भी पूछताछ की है। सौरभ ने ED को जय बाजपेयी से जुड़ी 27 संपत्तियों की रजिस्ट्रियां सौंपी है। कुछ सहयोगियों के नाम भी ED को बताए हैं। सौरभ ने ED द्वारा पूछताछ किए जाने की पुष्टि की है। इसके अलावा ED ने एक भाजपा नेता, मेडिकल स्टोर संचालक समेत कुल 17 लोगों से भी पूछताछ की है।

मुख्यमंत्री ने दी थी प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की संस्तुति
बिकरू कांड की जांच के लिए सीनियर IAS संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में SIT का गठन किया गया था। पिछले साल अक्टूबर माह में SIT ने जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, उसमें कहा गया था कि विकास दुबे की मदद से करीब 29 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्तियां जमा की हैं। बाद में दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री ने SIT की जांच के आधार पर विकास दुबे और सहयोगियों की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराने की संस्तुति की थी।

क्या था मामला
कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात दबिश पर गई पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें CO समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। घटना को अंजाम देने के बाद ही विकास दुबे रात में ही भागकर अपने सहयोगियों के पास जाकर छिप गया था।

9 जुलाई को विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार हुआ था। 10 जुलाई को पुलिस ने कानपुर के भौंती में उसका एनकाउंटर कर दिया था। भौंती में गाड़ी पलट जाने पर विकास ने भागने की कोशिश की थी और मुठभेड़ में मारा गया था। उसके 5 साथी भी मुठभेड़ में मारे गए और इस मामले में 36 लोग जेल में हैं।