• उन्नाव स्टेशन पर अन्नू टंडन ने किया था प्रदर्शन, रोकी गई थी ट्रेन
  • RPF ने 12 जून, 2017 को दर्ज कराई थी FIR

उन्नाव से पूर्व सांसद अन्नू टंडन को तीन साल पहले राजनैतिक धरना प्रदर्शन के दौरान ट्रेन रोकने के मामले में दो साल की कैद की सजा मिली है। यह सजा लखनऊ हाईकोर्ट स्थित MP/MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने सुनाई। जज ने पूर्व सांसद के अलावा उन्नाव के तत्कालीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण यादव, शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला व युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित परिहार को भी दोषी करार देते हुए दो दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त को 25-25 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति भी अदा करने का आदेश दिया है।

बता दें कि अन्नू टंडन कांग्रेस पार्टी में रहते हुए सांसद रही थीं। वर्तमान में वे समाजवादी पार्टी में हैं। बीते साल अक्टूबर बार में उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नया सियासी ठिकाना बनाया था।

12 जून, 2017 को दर्ज हुई थी FIR

इस मामले की शिकायत RPF ने 12 जून, 2017 को दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक उन्नाव स्टेशन के पूर्वी किनारे पर बने ओवरब्रिज के पास कांग्रेस का बैनर व झंडा आदि लिए प्रदर्शनकारी खड़े थे। उसी समय गाड़ी संख्या 18191 प्लेटफार्म नंबर- 2 पर आ रही थी। गाड़ी को आता देखकर प्रदर्शनकारी लाइन नंबर- 2 पर खड़े हो गए। भीड़ को लाइन पर खड़ा देखकर चालक ने ट्रेन को प्लेटफार्म से पहले ही रोक लिया। गाड़ी के रुकते हुए प्रदर्शनकारी दौड़कर इंजन पर चढ़ गए। नारेबाजी करने लगे। जिन्हें किसी तरह समझा-बुझाकर उतारा गया। इस घटना से ट्रेन 12 मिनट प्रभावित हुई। इस धरने-प्रदर्शन का नेतृत्व अन्नू टंडन, सूर्य नारायण यादव, अमित शुक्ला व अंकित परिहार कर रहे थे।

2018 से कोर्ट में चल रहा था मामला

विवेचना के बाद उन्नाव RPF के उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार यादव ने अभियुक्तों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 174 (A) में आरोप पत्र दाखिल किया था। दो अगस्त, 2018 को अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुकदमे का विचारण शुरु किया।