जौनपुर (Jaunpur news) के वनसफा सिकरा निवासी धनंजय सिंह (Dhananjay singh Jaunpur) बीएसपी के पूर्व सांसद रहे हैं। उनके ऊपर मऊ (Mau news) जिले के गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड (Ajit singh murder case) में साजिश रचने का आरोप है। यह हत्या लखनऊ (Lucknow news) के विभूतिखंड थाने के अंतर्गत हुई थी। पुलिस ने उनके ऊपर 25000 रुपये का इनाम घोषित किया था।

हाइलाइट्स:

  • 2009 में बीएसपी की टिकट से सांसद बने थे धनंजय सिंह
  • जौनपुर के बाहुबली माने जाते हैं धनंजय सिंह
  • मऊ के ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या का धनंजय पर है आरोप
  • लखनऊ पुलिस ने फरार धनंजय पर घोषित किया था 25000 का इनाम

: यूपी पुलिस हाथ मलती रही…’वकील’ बनकर कोर्ट आया बाहुबली, धनंजय सिंह का सरेंडर, प्रयागराज
उत्तर प्रदेश के एक और इनामी बाहुबली और पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर शिकंजा कसने के बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। लखनऊ पुलिस ने धनंजय पर एक दिन पहले ही 25000 रुपये का इनाम घोषित किया था, शुक्रवार को उन्होंने गुपचुप तरीके से प्रयागराज की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सूत्रों की मानें तो धनंजय वकील की यूनिफॉर्म पहनकर कोर्ट पहुंचा था।

धनंजय सिंह पर मऊ जिले के गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है। यह हत्या लखनऊ के विभूतिखंड थाने के अंतर्गत हुई थी। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थीं। मूलरूप से जौनपुर के वनसफा सिकरा निवासी धनंजय की संपत्तियों का ब्यौरा भी खंगाला जा रहा था।

पुलिस करती रही छापेमारी
अजीत हत्याकांड में फरार अरोपी धनंजय के चार ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दी थी लेकिन वह नहीं मिले। गुरुवार को पुलिस ने उनके ऊपर 25000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इनाम की घोषणा होने के बाद पुलिस ने धनंजय की तलाश तेज कर दी। कहा जा रहा है कि धनंजय को पकड़े जाने का डर सता रहा था।

एमपी, एमएलए कोर्ट में किया सरेंडर
धनंजय ने गुपचुप तरीके से अपने वकील के जरिए प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को सरेंडर कर दिया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। कुछ लोगों का कहना है कि धनंजय को डर सता रहा था कि अगर वह यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसका एनकाउंटर हो सकता है इसलिए उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख को मारी गई थीं 25 गोलियां
आपको बता दें कि छह जनवरी की रात विभूतिखंड क्षेत्र में कठौता चौराहे के पास मऊ जिले के गोहना के पूर्व प्रमुख अजीत सिंह और उसके साथी मोहर सिंह पर शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। अजीत को 25 गोलियां मारी गई थीं। अजीत सिंह एक कुख्यात अपराधी था और उसके ऊपर 17 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।

2009 में बीएसपी सांसद रहे हैं धनंजय
मामले में मोहर सिंह की तहरीर पर आजमगढ़ के कुंटू सिंह, अखंड सिंह, शूटर गिरधारी समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने धनंजय सिंह को गिरधारी के बयान के आधार पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया था। धनंजय ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज कर संसद में जौनपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
धनंजय सिंह (फाइल फोटो) धनंजय सिंह (फाइल फोटो)