उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में व‍िधानभवन के गेट पर तैनात दारोगा ने खुद को गोली मार ली। गंभीर हालत में उन्हें तत्‍काल प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दारोगा ने मुख्‍यमंत्री के नाम पत्र ल‍िखा है।

उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधान भवन के गेट नंबर सात पर तैनात दारोगा ने खुद को गोली मार ली। गोली मारने से पहले दारोगा ने सुसाइड नोट ल‍िखा था। बंथरा थाने में तैनात दारोगा निर्मल चौबे की गुरुवार को सचिवालय के पास ड्यूटी लगी थी। गुरुवार दोपहर में दारोगा को गोली लगने की सूचना से अफरातफरी मच गई। उन्हें तत्‍काल प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 

दारोगा निर्मल चौबे मूलरूप से वाराणसी के रहने वाले थे। वे यहां चिनहट में रहते थे। सूत्रों के अनुसार वह कुछ द‍िनों से मानसिक रूप से परेशान थे। वह अपनी बीमारी को लेकर काफी द‍िनों से परेशान थे। दारोगा ने गोली अपनी सर्विस पिस्टल से मारी है। गोली चलने की सूचना पर जेसीपी कानून व्यवस्था नवीन अरोरा सिविल अस्पताल पहुंचे। गोली दारोगा के सीने में लगी थी, ज‍िसके बाद उन्‍हें गंभीर हालत में स‍िव‍िल अस्‍पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

खुद को गोली मारने से पहले दारोगा न‍िर्मल चौबे ने प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यानाथ के नाम एक पत्र ल‍िखा था। सुसाइड नोट में उन्‍होंने खुद की बीमारी से परेशान होकर आत्‍महत्‍या करने की बात ल‍िखी थी। दारोगा निर्मल चौबे ने मुख्यमंत्री के नाम नोट लिखा था। सुसाइड नोट में उन्‍होंने ल‍िखा की मैं अपनी बीमारी से परेशान हो गया हूँ, अब जीने की इच्‍छा नहीं है। आप से बस इतनी गुजार‍िश है क‍ि मेरे बच्चों का ख्याल रखिएगा।

लखनऊ पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने को बताया कि निर्मल चौबे (53) उप निरीक्षक के पद पर बंथरा पुलिस थाने में तैनात थे। बृहस्पतिवार को उनकी ड्यूटी विधानसभा गेट नंबर सात के पास पार्किंग में थी। ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अपराह्र साढ़े तीन बजे अपनी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें नजदीक के सिविल अस्पताल ले गये जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि एक ‘सुसाइड नोट’ मिला है जिसमें चौबे ने अपने बीमार होने की बात कही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।