इस बीच सेना की खुफिया इकाई की टीम का सामना सौरव से हो गया। पूछने पर सौरव खुद को भारतीय सेना का अफसर बताने लगा लेकिन एनडीए बैच, यूनिट नंबर और अपने कमांडिंग अफसर व यूनिट की लोकेशन जैसी जानकारी वह नहीं दे सका। शक होने पर खुफिया इकाई ने मिलिट्री पुलिस को भी पूछताछ के लिए बुलाया। सौरव के मोबाइल फोन और उसके बैग को खंगाला गया। मोबाइल में उसकी सौरव ठाकुर के नाम पर बनी फेसबुक आइडी मिली। जिसमें उसने खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का कमांडो बताते हुए अपनी लोकेशन आगरा दर्ज किया। वैवाहिक वेबसाइटों पर उसने खुद को आर्मी अफसर बताते हुए बायोडाटा भी अपलोड किया। मध्य कमान की ओर से पैराशूट रेजीमेंट की डेल्टा टीम में 19 फरवरी 2021 तक ज्वाइन करने का एक फर्जी आदेश पत्र भी बनाया है।

राष्ट्रपति से मेडल लेने की फोटो भी बनायी

जालसाज ने अदम्य साहस के लिए पैरा कमांडो को दिए जाने वाले वीरता पदक की एक फोटो भी तैयार की। उसने किसी जांबाज की जगह अपनी फोटो को फोटो शॉप से बनाया। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविद से खुद को मेडल प्राप्त करते हुए फर्जी फोटो तैयार कर ली।