मुलायम की बारात के लिए भी 5 भैंसा गाड़ियों का इंतजाम किया गया। करीब 3 घंटे की यात्रा के बाद जब बारात रायपुरा पहुंची तो दूल्हे समेत सभी बाराती लगभग धूल से नहा चुके थे। अखिलेश यादव की जीवनी ‘विंड्स आफ चेंज’ में वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका सुनीता एरॉन को मुलायम के साले महाराज सिंह बताते हैं कि ये शादी हमारे फूफा ने तय कराई थी। जब बारात दरवाजे पर पहुंची तब तक सूरज ढल चुका था।संब

पहली पत्नी को लकी मानता है यादव परिवार: आपको बता दें कि मुलायम समेत पूरा यादव परिवार मालती को लकी मानता है। मुलायम की जिंदगी में मालती के आने के बाद ही वे सियासत की दुनिया में तेजी से आगे बढ़े। केंद्रीय मंत्री से लेकर देश के सबसे बड़े सूबे यूपी के मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुंचे।

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मां के गुजरने के बाद भी ननिहाल को नहीं भूले हैं अखिलेश: आपको बता दें कि मां मालती के निधन के बाद भी अखिलेश अपने ननिहाल वालों के संपर्क में हैं। जब वे मुख्यमंत्री बने थे तो बाकायदे अपने मामा को लखनऊ आमंत्रित भी किया था और वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। मुलायम ने खुद एक होटल में उनके ठहरने का इंतजाम करवाया था।

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