बिजनौर की एक सभा में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्द बोल दिया था। जब मायावती को इसकी भनक लगी तो उन्होंने टिकैत की गिरफ़्तारी के आदेश दे दिए।

किसान आंदोलन पर सियासत का दौर जारी है। 26 जनवरी के बाद किसान आंदोलन में राकेश टिकैत का नाम हर किसी की जबान पर है। राकेश टिकैत लोकप्रिय किसान नेता रहे चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे हैं। महेंद्र सिंह टिकैत की लोकप्रियता इतनी थी कि बिना मोबाइल और टीवी वाले युग में भी उनकी एक आवाज पर लाखों किसान इक्कठा हो जाते थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कभी उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने महेंद्र सिंह टिकैत की गिरफ़्तारी का आर्डर तो दे दिया था लेकिन पूरी ताकत झोंकने के बाद भी तमाम अफसर उनको पकड़ नहीं पाए थे

दरअसल साल 2008 में मायावती उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। तब बिजनौर की एक सभा में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्द बोल दिया था। जब मायावती को इसकी भनक लगी तो उन्होंने टिकैत की गिरफ़्तारी के आदेश दे दिए। हालाँकि जैसे ही टिकैत समर्थकों को यह खबर मिली की पुलिस उनके नेता को गिरफ्तार करने आ रही है तो हज़ारों लोग सड़क पर जमा हो गए। महेंद्र सिंह टिकैत के सिसौली वाले घर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को उनके समर्थकों ने जाम कर दिया। हालाँकि मायावती भी टिकैत की गिरफ़्तारी के लिए एड़ी चोटी एक किए हुए थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के हज़ारों जवानों को इसी काम के लिए तैनात कर दिया गया था। 

अदालत में सरेंडर करने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी। हालाँकि जमानत याचिका ख़ारिज होने के तुरंत बाद अपर जज के कोर्ट में महेंद्र सिंह टिकैत ने जमानत अर्जी की अपील की और उनको जमानत भी मिल गयी।

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