बाराबंकी के ब्‍लांड पवन हत्‍याकांड का 144 दिन बाद पुलिस ने राजफाश किया। आरोपि‍त पत्‍नी व प्रेमी गिरफ्तार।

बाराबंकी के ब्‍लांड पवन हत्‍याकांड का 144 दिन बाद पुलिस ने राजफाश किया। पति को दूर करने को किए पत्‍नी ने आशिक संग मिलकर किए तमाम जतन फेल हुई दुबई की प्‍ला‍निंग तो साजिश रच रास्‍ते से हटाया। 16 सितंबर को नाले में पड़ा मिला था शव।

उत्‍तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी पवन हत्‍याकांड में पुलिस ने रविवार को चौंकाने वाले खुलासे किए। पवन की हत्‍या की साजिश उसी की पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर रची थी। इस ब्लाइंड मर्डर का राजफाश करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके आशिक को गिरफ्तार किया है। प्रेमिका से अवैध संबंध जारी रहें इस‍ल‍िए नौ साल पहले आशिक ने गांव के ही पवन से विवाह साजिशन करा दिया था। अवैध संबंध जारी रहे। इस बीच पति ने पत्‍नी के आश‍िक के दिए तोहफा गिरवी रख द‍िया। इसपर नाराज पत्‍नी ने आश‍िक संग मिलकर उसे रास्‍ते से हटाने को दुबई भेजने तक की प्‍लान‍िंग की। मगर तमाम जतन काम न आए। वारदात का हैदरगढ़ पुलिस ने 144 दिन बाद राजफाश कर दिया है, जिसके लिए पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।  प्रेमिका से मिल सके रोज, करा द‍िया गांव के ही युवक से साजिशन विवाह… 

एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि आरोपित अजय सिंह का अपनी बहन की जेठानी की पुत्री से अवैध संबंध था। मुलाकात का सिलसिला जारी रहे इसलिए  साजिशन 2012 में अजय ने प्रेमिका का विवाह अपने ही गांव के पवन कुमार से करा दिया था। शादी के कुछ दिन बाद ही पवन की पारिवारिक स्थिति बिगड़ी और आर्थिक तंगी के कारण वह ड्राइवरी करने लगा। इसी बीच उसने शराब पीने के लिए पत्नी के जेवरात गिरवी रख दिए। यह जेवरात अजय ने दिए थे। 

पीछा छुड़ाने के लिए प्रेम‍िका के पति दुबई भेजने की तैयारी की: पवन से पीछा छुड़ाने के लिए पत्‍नी ने आशि‍क अजय संग मिलकर भेलसर अयोध्या के कलीम को 70 हजार रुपये देकर दुबई भेजने तैयारी की, पर लॉकडाउन के कारण पासपोर्ट व वीजा नहीं बन सका। इसके बाद अजय ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति पवन की हत्या की साजिश बनाई। 16 सितंबर 2020 को अजय ने पवन को तीन बोतल शराब पिलाकर अचेत कर दिया और फिर उसे गोमती नदी में ले जाकर फेंक दिया।

आरोपित पत्‍नी व प्रेमी गिरफ्तार : एसपी यमुना प्रसाद ने रविवार को बताया कि असंदरा के बेहटा घाट में पीपापुल पर 16 सितंबर को एक शव मिला था। बाइक टीकाराम बाबा घाट के पास हैदरगढ़ में मिली थी। नाले में मिले शव की शिनाख्त सुबेहा के ताला रुकनुद्दीनपुर के पवन कुमार के रूप में हुई। मृतक के भाई लवलेश बहादुर ने अज्ञात पर हत्या का मुकदमा कराया था। वारदात में मृतक के गांव का ही अजय प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह और पवन की पत्नी शिम्मी उर्फ निशा शामिल थे। साक्ष्यों के आधार पर कोतवाल हैदरगढ़ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने रविवार भोर पहले अजय को टीकाराम मंदिर के पास से और पवन की पत्नी को ग्राम अलमापुर से गिरफ्तार किया।

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