Download Amar Ujala App for Breaking News in Hindi & Live Updates. https://www.amarujala.com/channels/downloads?tm_source=text_share

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि ग्राम पंचायत चुनाव 30 अप्रैल तक करा लिया जाएं ताकि 15 मई तक सभी पंचायतों का गठन किया जा सके। 15 मई तक ही जिला पंचायत सदस्यों और ब्लाक प्रमुखों का चुनाव कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण का कार्य 17 मार्च तक पूरा करने निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने इससे पूर्व मई में चुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था। विनोद उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति एमएन भांडरी और न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की पीठ ने यह आदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश में इस बार 75 जिला पंचायत, 826 क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक), 58,194 ग्राम पंचायत, 3051 जिला पंचायत सदस्य, 75,855 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 7,31,813 ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इस तरह कुल 8,69,814 जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों के सीमा विस्तार या नए निकायों के गठन से ग्राम पंचायतों की संख्या में कमी आई है।

गौरतलब है कि प्रदेश में ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का काम काफी दिनों से चल रहा था। पूर्ण परिसीमन चार जिलों गौतमबुद्धनगर, मुरादाबाद, संभल व गोंडा में हुआ है। इनमें वर्ष 2015 में परिसीमन नहीं हो पाया था। जबकि जिन जिलों में नए नगरीय निकायों का गठन हुआ है या नगरीय निकायों का सीमा विस्तार हुआ है, उनमें आंशिक परिसीमन कराया गया है।

ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र (वार्डों) के परिसीमन (पुनर्गठन) का काम पूरा करके अधिसूचना जारी कर दी गई है।