कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड के लिए वेस्ट यूपी से किसानों का कूच शुरू हो गया है। मेरठ, बिजनौर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद आदि जिलों से किसान ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बिजनौर से दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने पर हंगामा हो गया और किसानों ने पौड़ी हाईवे पर ही सैकड़ों ट्रैक्टर लगा कर पंचायत शुरू कर दी, काफी देर चले हंगामे् के बाद पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आया और किसानों को दिल्ली जाने दिया। उधर, सहारनपुर में किसानों ने शनिवार को उत्तराखंड में राजभवन घेरने का ऐलान किया है। बांदा से किसान लखनऊ में राजभवन घेरने के लिए रवाना हो चुके हैं।

बिजनौर : पुलिस के रोकने पर भड़के किसान, हाईवे पर की पंचायत

शुक्रवार को दिल्ली के लिए बिजनौर के किसानों का काफिला बढ़ा तो पुलिस ने मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर उनको रोक दिया, जिस पर किसान भड़क गए और हाईवे पर ही पंचायत शुरू कर दी। सैकड़ों ट्रैक्टर और हजारों किसानों के होने से हाईवे पर कई किमी जाम लग गया। इसके बाद काफी लंबा जाम देखकर आधे घंटे में ही पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर आ गया और किसानों के लिए रास्ता खाली कर दिया। काफी जद्दोजेहद के बाद किसान बैराज से दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों के हुजूम को भांपने में पुलिस प्रशासन नाकाम रहा।

ऊधमसिंह नगर से आज पांच हजार किसान दिल्ली जायेंगे

ट्रैक्टर परेड में ऊधमसिंह नगर से हजारों की संख्या में किसानों का जत्था शनिवार को दिल्ली कूच करेगा। किसान संगठनों के मुताबिक, करीब 950 से अधिक ट्रैक्टर जिले से शनिवार को दिल्ली के लिए कूच करेंगे। बाजपुर को इसके लिए मुख्य सेंटर बनाया गया है।

आक्रोश: जिले में कई गांवों में भाजपा नेताओं की एंट्री बैन

गदरपुर के गांव बांसखेड़ा और शिवपुरी में किसान विरोधी नेताओं की एंट्री पर बैन लगाया गया है। गांव में इस संबंध में फ्लैक्स लगाए गए हैं। बांसखेड़ा की गांव प्रधान मीनाक्षी सूर्या ने बताया कि जो नेता किसान विरोधी बयान देते हैं, ऐसे नेताओं की एंट्री पर रोक है।

बरेली मंडल से हजारों किसान दिल्ली रवाना

 शुक्रवार को पुलिस महकमा अलर्ट पर रहा। बरेली मंडल समेत खीरी जिले की सीमाओं पर फोर्स तैनात रहा। किसानों के जत्थों की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई। अधिकतर स्थानों से किसानों को जाने दिया गया। पीलीभीत में पीएससी की एक टुकड़ी भी लगाई गई है। स्थानीय पुलिस गांव गांव घूमकर किसानों से संपर्क में जुटी रही। सिखों को विशेष रूप से पुलिस ने समझाते हुए गांवों में बैठकें कर रही है। इसके अलावा खीरी में सिख संगठन के आह्वान पर सैकड़ों किसान दिल्ली के लिए कूच कर गए।

लखनऊ और देहारादून में राजभवन घेरने का ऐलान

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसान देहरादून में उत्तराखंड राजभवन का घेराव करेंगे। किसान कई दिनों से क्षेत्र में इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। शुक्रवार को युवा जिलाध्यक्ष आदि ने छुटमलपुर, बिहारीगढ़, बेहट गागलहेड़ी और सरसावा आदि क्षेत्रों में बैठक कर भाकियू ने देहरादून चलो का आह्वान किया। राजभवन के घेराव को व्यापक जनसंपर्क किया। भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष अजय कांबोज ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पूरे भारत में राजभवनों का घेराव किया जाएगा।

बांदा से किसान लखनऊ के लिए रवाना

भारतीय किसान यूनियन के किसान शुक्रवार को लखनऊ रवाना हो गए। यहां से निजी वाहन में दर्जनों की तादाद में किसान नारेबाजी करते हुए गए। शनिवार को किसान राजभवन का घेराव करेंगे। भाकियू मंडल उपाध्यक्ष बलराम तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय आह्वान पर 23 जनवरी को लखनऊ में राजभवन का घेराव किया जाना है। इसके बाद 26 जनवरी को दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा।

अपनी अपनी रणनीति

किसानों के विभिन्न संगठनों ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के लिए अलग –अलग रणनीति बनाई है। आंदोलन को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में शुक्रवार को बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हापुड़ और शामली से किसान रवाना हुए। 25 जनवरी को बड़ी तादाद में किसानों के दिल्ली जाने की संभावना है। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए अलग व्यवस्था की गई है।

1987 में भी हुआ था ट्रैक्टर मार्च

भाकियू नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में शामली से मेरठ तक ट्रैक्टर मार्च निकाला गया था। तब मुद्दा बिजली का था और इस बार कृषि बिल। किसानों ने अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए अब सभी स्तरों पर आंदोलन की धार तेज की है।

किसानों से बातचीत में जुटे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी

किसान आंदोलन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। एडीजी राजीव सबरवाल और आईजी प्रवीण कुमार किसानों से लगातार संपर्क में हैं। दूसरी ओर पूरे जोन में जिला स्तर पर सभी थानेदारों, सीओ व एसपी को जिम्मेदारी दी गई है कि अपने-अपने इलाकों में किसान नेताओं से बातचीत करें और उन्हें समझाने का प्रयास करें। इसके अलावा गाजियाबाद में शुक्रवार को पुलिस अधिकारी ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।


किसान आंदोलन को देखते हुए पुलिस लगातार प्लानिंग कर रही है और किसान नेताओं से भी संपर्क किया जा रहा है। व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जीव सबरवाल, एडीजी मेरठ जोन।