निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड-किसान पथ प्रॉपर्टी डीलरों, बिल्डरों की अवैध संपत्तियों का ठिकाना बन गया है। इस रोड को दिखा कर प्रॉपर्टी डीलर प्रदेश के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में प्लॉट बेच रहे हैं। बिना लाइसेंस व ले-आउट के धड़ल्ले से प्लाटिंग कर रहे हैं। लोगों को ठग रहे हैं। न बाराबंकी प्रशासन कुछ कर रहा और न एलडीए के अधिकारी। सीमा से बाहर होने की बात कहकर वह अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। 

जब से आउटर रिंग रोड- किसान पथ का निर्माण शुरू हुआ है प्रॉपर्टी डीलरों की चांदी हो गई है। किसान पथ व आउटर रिंग रोड को दिखाकर बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी डीलर जमीनें बेच रहे हैं। उन्होंने न तो इनके लाइसेंस लिए हैं और न ही कहीं से नक्शा पास कराया है। खेतों में प्लॉट काटकर इन्हें बेच रहे हैं। आउटर रिंग रोड के नाम पर लोग भी खूब इनके झांसे में आ रहे हैं। यहां की भी अब बड़े पैमाने पर शिकायतें आ रही हैं। रायबरेली रोड से लेकर बसंत कुंज हरदोई रोड तक आउटर रिंग रोड के प्रस्तावित एलाइनमेंट के दोनों किनारों पर 193 से ज्यादा बिल्डर व प्रॉपर्टी डीलर प्लॉटिंग कर रहे हैं। इनके झांसे में फंसकर लोग अपने जीवन की गाढ़ी कमाई गवां रहे हैं। एलडीए में इनके खिलाफ भी अब शिकायतें आ रही हैं।
 
दो दर्जन से ज्यादा जिलों के लोग प्रॉपर्टी डीलरों की ठगी का शिकार बने
प्रॉपर्टी डीलर लखनऊ के अलावा दूसरे जिलों के लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। जबसे आउटर रिंग रोड का निर्माण शुरू हुआ है तब से प्रॉपर्टी डीलरों ने आस-पास के जिलों के लोगों को इसके नाम पर ठगना शुरू किया है। सबसे ज्यादा ठगी का शिकार अंबेडकर नगर, अयोध्या, बहराइच, गोंडा, बस्ती, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी तथा बाराबंकी के लोग हुए हैं। 
 
600 से 1000 रुपए वर्ग फुट में बेच रहे हैं जमीन

यहां प्रॉपर्टी डीलर 600 से 1000 रुपए प्रति वर्ग फुट में जमीन बेच रहे हैं। लोगों को खेत दिखा रहे हैं और झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठ रहे हैं। मौके पर केवल बोर्ड लगे हैं। हालांकि कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने 10 से 12 फुट चौड़ी सड़कें भी बना दी हैं।
 
2 साल पहले फैजाबाद रोड पर प्लॉट खरीदा था अभी भी अता पता नहीं
अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र में दुकान चलाने वाले पप्पू तथा उनके ससुर ने फैजाबाद रोड पर 15- 15 सौ फुट का प्लॉट खरीदा था। प्रॉपर्टी डीलर ने एक साल में रजिस्ट्री करने के लिए कहा था। दोनों लोग छह- छह लाख रुपए दे चुके हैं। लेकिन अभी तक प्लॉट का कोई पता नहीं है। प्रॉपर्टी डीलर लगातार टहला रहा है। इन्होंने भी लिखित शिकायत की है।
 
अंबेडकर नगर के दो दर्जन से ज्यादा शिक्षकों फंसे
अंबेडकर नगर के दो दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने नए आउटर रिंग रोड-किसान पथ के किनारे प्लॉट खरीदा है। इन्हें भी अभी कुछ मिला नहीं है। अक्सर यह सभी कार से अपने प्लॉट देखने आते हैं। यह भी नहीं पता है कि उनका प्लॉट किस जगह है। प्रॉपर्टी डीलर केवल खेत दिखाता है। और बताता है कि इसी में डेवलपमेंट होगा। सड़क बनेगी तब रजिस्ट्री होगी। 
 
एलडीए ने किया सावधान, ले-आउट पास न हो तो न खरीदें प्लॉट
एलडीए के टाउन प्लानिंग विभाग के हेड व मुख्य नगर नियोजक नितिन मित्तल कहते हैं कि लोग थोड़ा सा सजग हो जाए तो बिल्डरों के फर्जी वाड़े से बच सकते हैं। उन्होंने प्लॉट और मकान खरीदने वालों को इसे लेने से पहले कुछ चीजों की पड़ताल जरूर करने की सलाह दी है।
 
खरीदने से पहले इसकी करें पड़ताल
 जिस जगह जमीन खरीदने जा रहे हैं उसका भू उपयोग क्या है। इसकी जानकारी जरूर कर लें। एलडीए से इसे आसानी से पता किया जा सकता है।
जो बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर प्लाट या मकान बेच रहा है उसका लाइसेंस जरूर देखें। अगर लाइसेंस नहीं है तो न खरीदें
रेरा का पंजीकरण भी जरूर देखें। पंजीकरण देखने के बाद रेरा की वेबसाइट से इसे वेरीफाई करें। अगर पंजीकरण नहीं है तो बिल्डर फर्जीवाड़ा कर रहा है
 बिल्डर की बातों पर बिल्कुल भी यकीन न करें। उसके दिखाएं कागज की पड़ताल जरूर करें
टाउनशिप का ले आउट पास है या नहीं इसे भी देखें। लेआउट नहीं पास है तो कॉलोनी पूरी तरह अवैध है।
जमीन का भू उपयोग अगर आवासीय नहीं है तो भी न खरीदें
जमीन का भू उपयोग ग्रीन होने पर बिल्कुल ही प्लाट न खरीदें। क्योंकि यह बड़ी समस्या का कारण बनता है।