भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जल्द ही अपनी टीम की घोषणा कर सकते हैं। नई टीम में एक चौथाई से ज्यादा नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना है। चुनावी राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे पदाधिकारी बरकरार रह सकते हैं। युवा और अनुभव के समन्वय वाली टीम में राज्यों के प्रमुख नेताओं को भी केंद्रीय संगठन में लाया जा सकता है। 

नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाले चार माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन उनकी टीम अब तक सामने नहीं आ पाई है। हालांकि, इस बीच में ढाई माह का समय तो कोरोना के चलते लॉकडाउन में ही गुजर गया। अब पार्टी में संगठन को स्वरूप देने की कवायद शुरू हो गई है। एक दिन पहले तीन राज्यों के अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। इन राज्यों में जिन नेताओं को कमान सौंपी गई है, उससे संकेत मिले हैं कि युवा अनुभव के साथ सामाजिक समीकरणों का भी पार्टी पूरा ख्याल रख रही है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा अध्यक्ष की नई टीम में लगभग आधे चेहरे अमित शाह की टीम के भी रह सकते हैं, लेकिन उनके पद और कार्य विभाजन में बदलाव होने के आसार हैं। चुनावी राज्यों से जुड़े पदाधिकारी फिलहाल अपनी भूमिकाओं में बने रहेंगे। खासकर पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभाल रहे कैलाश विजयवर्गीय और बिहार की जिम्मेदारी संभाल रहे भूपेंद्र यादव की भूमिकाएं बरकरार रहने की संभावनाएं हैं। इसी तरह संघ पृष्ठभूमि से भाजपा में आए राम माधव और मुरलीधर राव भी अपने पद और भूमिकाओं का पहले की तरह निर्वहन कर सकते हैं। 

प्रदेशों के नेता भी आएंगे
नड्डा की नई टीम में प्रदेशों के कुछ नेताओं को दिल्ली लाए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र व झारखंड के प्रमुख नेता राष्ट्रीय टीम में जगह पा सकते हैं। माना जा रहा है कि उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों की भूमिकाओं में चेहरे और काम का काफी बदलाव हो सकता है।

कार्यकारिणी में भी होगा बदलाव
पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी की भी घोषणा की जानी है और इसमें संविधान के अनुसार ही एक चौथाई नए चेहरों को शामिल किया जाना है। हालांकि, नड्डा 30 से 40 फीसदी नए चेहरों को अपनी टीम में जगह दे सकते हैं। दरअसल नड्डा विभिन्न राज्यों और केंद्र में युवा और नए नेतृत्व को उभरना चाहते हैं जो एक दशक में विभिन्न स्तरों पर प्रमुख भूमिकाओं के लिए तैयार हो सके।