टाटा सफारी 2021 को आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी को लॉन्‍च किया जाएगा और इसकी बुकिंग फरवरी माह से शुरू होगी।

नई दिल्‍ली। टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने गुरुवार को अपनी फ्लैगशिप लोकप्रिय एसयूवी टाटा सफारी (Tata Safari 2021) की पहली झलक पेश करते हुए घोषणा की है कि उसने पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में नई सफारी का उत्‍पादन शुरू कर दिया है। कंपनी ने गुरुवार को नई सफारी की पहली यूनिट को भी तैयार कर बहार निकाला है। टाटा मोटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) गुंतर बुत्शेक ने कहा कि उभरते भारतीय उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं से जुड़ने के लिए सफारी हमारी फ्लैगशिप पेशकश है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने सफारी के साथ भारत में एसयूवी जीवनशैली की शुरुआत की थी और अब सफारी के नए अवतार के साथ इस विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा।

टाटा सफारी 2021 को आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी को लॉन्‍च किया जाएगा और इसकी बुकिंग फरवरी माह से शुरू होगी। टाटा सफारी की डिजाइन टाटा के इन हाउस इम्‍पैक्‍ट 2.0 डिजाइन पर आधारित है। इसे लैंड रोवर डी8 से प्रेरित ओएमईजीएआरसी प्‍लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है।

Tata Motors begins production of new Safari 2021 at Pune plant,  Image Source : tata motorsTata Motors begins production of new Safari 2021 at Pune plant,

टाटा सफारी 2021 में 2.0 लीटर, 4 सिलेंडर डीजल इंजन होगा। यह इंजन अधिकतम 168बीएचपी की पावर देगा। इंजन 6-स्‍पीड मैनुअल और 6-स्‍पीड टॉर्क कन्‍वर्टर गियरबॉक्‍स से सुसज्जित होगा। एक 1.5लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ नई टाटा सफारी को बाद में पेश किया जाएगा।

टाटा सफारी 2021 में तीन रो सिटिंग होगी और यह टाटा हैरियर पर आधारित है। सफारी में इंटीरियर डिजाइन टाटा हैरियर की तरह ही होगी। टाटा सफारी 2021 की संभावित कीमत 14 से 21 लाख रुपये के बीच होगी। टाटा सफारी 2021 की सीधी टक्‍कर महिंद्रा की एक्‍सयूवी 500 और एमजी हेक्‍टर प्‍लस से होगी।  

Tata Motors begins production of new Safari 2021 at Pune plant, 

 Image Source : tata motorsTata Motors begins production of new Safari 2021 at Pune plant,भारत का वाहन निर्यात 2020 में 18.87 प्रतिशत कम हुआ

कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में भारत से वाहनों का निर्यात 18.
87 प्रतिशत कम हो गया। वाहन विनिर्माता कंपनियों के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सिआम) के आंकड़ों में इसकी जानकारी मिली। सिआम ने कहा कि पिछले साल भारत से 38,65,138 वाहनों का निर्यात किया गया, जबकि 2019 में 47,63,960 वाहनों का निर्यात किया गया था। वाहनों के निर्यात में गिरावट आने का एक मुख्य कारण यात्री वाहनों का निर्यात कम हो जाना रहा। इस दौरान यात्री वाहनों का निर्यात साल भर पहले की 7,06,159 इकाइयों की तुलना में 39.38 प्रतिशत घटकर 4,28,098 इकाइयों पर आ गया। इस दौरान यात्री कारों का निर्यात 47.89 प्रतिशत घटकर 2,76,808 इकाइयों पर आ गया।

2019 में 5,31,226 यात्री कारों का निर्यात किया गया था। यूटिलिटी वाहनों का निर्यात भी इस अवधि में 1,71,440 इकाइयों की तुलना में 12.60 प्रतिशत कम होकर 1,49,842 इकाइयों पर आ गया। निर्यात में प्रमुख योगदान देने वाले एक अन्य खंड दोपहिया में भी गिरावट देखने को मिली। इसका निर्यात 34,52,483 इकाइयों से 12.92 प्रतिशत कम होकर 30,06,589 इकाइयों पर आ गया। स्कूटरों का निर्यात 3,72,025 इकाइयों से 37.28 प्रतिशत गिरकर 2,33,327 इकाइयों पर आ गया। मोटरसाइकिल का निर्यात भी 2020 में 9.87 प्रतिशत घटकर 27,64,301 इकाई रहा, जो 2019 में 30,67,153 इकाई था।

इसी तरह, 2019 में 5,29,454 इकाइयों के निर्यात की तुलना में तीन-पहिया वाहनों का निर्यात 27.71 प्रतिशत कम होकर 3,82,756 इकाइयों पर आ गया। सिआम ने कहा कि कुल वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात 2019 की 70,702 इकाइयों की तुलना में 2020 में 36.80 प्रतिशत घटकर 44,687 इकाई रहा।