बर्ड फ्लूू के खौफ में गोरखपुर में चिकन का दाम कम हो गया है। – प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Bird Flue in Gorakhpur बर्ड फ्लू के खौफ के बीच नानवेज का कारोबार ठंडा पडऩे लगा है। सबसे ज्यादा बिकने वाला अंडा व चिकन की मांग कम हो गई है। दूसरी तरफ मटन व मछली की खपत थोड़ी बढ़ गई है।

जाफरा बाजार, सूरजकुंड, मोहद्दीपुर, शाहमारुफ, घोष कंपनी, गोरखनाथ, रुस्तमपुर, राजघाट आदि बाजार में मटन के दाम पचास से लेकर सौ रुपये तक तथा रेहू मछली 40 रुपये किलो तक बढ़े हैं। मछली विक्रेता शामली देवी ने बताया कि थोक मंडी में मछली महंगी हो गई है, इसलिए हमलोगों को भी दाम बढ़ाना पढ़ा। आम दिनों में आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियां अधिकतम 150 रुपये किलो तक बेचा जा रहा थी। खूनीपुर के मोहम्मद एजाज ने बताया कि जिस दुकान से नियमित रूप से मटन खरीदते थे, उसने दो दिन पहले पति किलो 50 रुपये बढ़ा दिया है। मौके का फायदा उठा अन्य दुकानदारों ने भी रेट बढ़ा दिया है। 

खाने वालों को कम, काटने वालों को ज्यादा खतरा 

बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा चिकन खाने वालों को कम और मुर्गा काटने वालों को ज्यादा होता है। डाक्टरों के मुताबिक चिकन को पूरी तरह पकने की वजह से संक्रमण का खतरा न के बराबर होता है, जबकि बर्ड फ्लू का खतरा उन लोगों को अधिक होता है जो ज्यादा समय तक बीमार पक्षियों के संपर्क में रहता है। किसी एक व्यक्ति में संक्रमण आए जाए तो दूसरे में फैल जाता है।

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