लखनऊ में बुधवार की रात अजीत सिंह की हत्या के मामले में आजमगढ़ के माफिया कुंटू सिंह का नाम सामने आने के बाद जिला प्रशासन की तरफ से बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। आजमगढ़ जिला प्रशासन ने गुरुवार को माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के मकान और कटरे पर बुलडोजर चलवा दिया है। जीयनपुर में स्थित कुंटू सिंह की तीन मंजिला इमारत गिराने के लिए भारी फोर्स के साथ डीएम एसपी भी पहुंचे। कुंटू पर आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर में गम्भीर धाराओं में 67 मुकदमे दर्ज हैं। 

बुधवार की रात हुई कई राउंड हुई फायरिंग में अजीत सिंह का एक साथी मोहर सिंह और एक डिलीवरी ब्वॉय आकाश भी घायल हुआ था। घायल मोहर सिंह की तहरीर पर कुंटू सिंह, अखंड सिंह और गिरधारी विश्वकर्मा के खिलाफ 302,307,120B और धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गुरुवार को जिला प्रशासन ने माफिया कुंटू सिंह का घर गिराने के लिए बुलडोजरों की लाइन लगा दी। प्रशासन की तरफ से माफिया के मकान और कटरे को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।

कभी दोस्त थे कुंटू और अजीत सिंह
बताया जाता है कि अजीत सिंह और कुंटू सिंह के बीच काफी गहरी दोस्ती थी, लेकिन संपत्ति के बंटवारे में दोनों के बीच मतभेद हो गया। धीरे-धीरे यह मतभेद जानी दुश्मनी तक जा पहुंची। आजमगढ़ के सगड़ी के तत्कालीन विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या की साजिश रचे जाने की मुखबिरी इसी अजीत सिंह ने की थी। इसकी वजह से प्रशासन ने सीपू सिंह को सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि बाद में सीपू सिंह की हत्या कर दी गई। इसमें कुंटू सिंह का नाम आया था।

ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा करने की कुंटू सिंह की इच्छा अजीत सिंह की वजह से पूरी नहीं हो पाई। संपत्ति के बंटवारे को लेकर अजीत और कुंटू के बीच दूरियां लगातार बढ़ती ही गईं। इसका परिणाम ये हुआ कि इन दोनों की दोस्ती दुश्मनी में तब्दील हो गई। अब कुंटू सिंह अजीत को अपने राह का सबसे बड़ा रोड़ा मानने लगा। अजीत सिंह को इसकी जानकारी थी, इसीलिए वह कुंटू से सावधान रहता था।

कुंटू ने रची थी विधायक की हत्या की साजिश, अजीत बना था गवाह
साल 2005 के पहले कुंटू सिंह ने विधायक सीपू सिंह की हत्या की साजिश रची थी, जिसकी भनक अजीत सिंह को मिल गई थी। अजीत ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी थी। जिसके बाद आजमगढ़ के तत्कालीन एसपी नवीन अरोड़ा ने विधायक सीपू सिंह की सिक्योरिटी बढ़ा दी थी। हालांकि, बावजूद इसके विधायक की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अजीत सिंह गवाह थे।

आजमगढ़ के जीयनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सर्वेश सिंह की 19 जुलाई 2013 को बदमाशों ने घर में घुसकर दिनदहाड़े गोली हत्या की थी। वारदात में अजीत चश्मदीद गवाह था। इस मामले में कुंटू सिंह व अखंड सिंह सहित 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस वारदात को पुलिस विधायक हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। इसी बिंदु पर जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंटू जीयनपुर के छपरा गांव का रहने वाला है। फिलहाल अखंड और कुंटू दोनों जेल में है।

मौका-ए-वारदात की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस मामले में पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि अजीत सिंह गोमतीनगर विस्तार स्थित राप्ती अपार्टमेंट रहता था। वह मूलरूप से मऊ के भदीड़ गांव का रहने वाला था। रात करीब आठ बजे वह मोहर सिंह के साथ किसी काम से कठौता चौराहे के पास स्थित उदय टावर आया था। दोनों के एसयूवी से उतरते ही पहले से घात लगाए तीन बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। फायरिंग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।

उन्होंने बताया कि इस दौरान अजीत लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। मोहर सिंह शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे भागा, लेकिन तब तक वे बाइक से फरार हो गए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवा रही है। अजीत के साथी से पूछताछ के साथ मऊ व आजमगढ़ पुलिस से संपर्क किया गया है।

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