कानपुर : कानपुर से लखनऊ तक प्रस्तावित 62.75 किलोमीटर लंबा छह लेन एक्सप्रेस-वे का कार्य 15 जनवरी के बाद रफ्तार पकड़ेगा। एनएचएआई जून में इसका निर्माण शुरू करेगी। इसके लिए कानपुर के सरसैया घाट के पास फोर लेन पुल बनाया जाएगा। अगले हफ्ते प्राधिकरण को मंत्रालय से डीपीआर की प्रति भी प्राप्त हो जाएगी।

4733 करोड़ रुपये बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर 6 फ्लाईओवर और 28 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। एक रेलवे ओवरब्रिज का भी प्रस्ताव होगा। इसके अलावा तीन बड़े पुल और 38 जगहों पर अंडरपास होगा। इसके बन जाने के बाद कानपुर से लखनऊ की दूरी 45 से 50 मिनट में तय होगी। इसे कानपुर आउटर रिंग रोड से भी जोड़ा जाएगा ताकि लखनऊ से आने वाले वाहनों को शहर में न आना पड़े और वे बाहर से ही दूसरे शहरों को निकल जाएं।

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यह एक्सप्रेस-वे अचलगंज से बनी तक भूतल होगा और फिर वहां से अमौसी स्थित स्कूटर इंडिया की इकाई तक एलीवेटेड बनेगा। इस एक्सप्रेस-वे को उन्नाव-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जोड़ा जाएगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कोशिश है कि हर हाल में इसे मई या जून में शुरू कर दिया जाए। इसलिए जनवरी में टेंडर मांगे जाने का निर्णय दो माह पहले लिया गया था। अब तय कर लिया गया है कि 15 से 25 जनवरी के बीच टेंडर मांग लिए जाएंगे 

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दरअसल कानपुर से लखनऊ तक हाईवे पर आए दिन जाम लगता है। स्थिति यह है कि कई बार लोग घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। जाम लगने की बड़ी वजह यातायात का भारी दबाव है।  कानपुर के अलावा उरई, चित्रकूट, महोबा, सागर, छतरपुर, हमीरपुर, बांदा, कानपुर देहात जिलों के लोग इस राष्ट्रीय राजमार्ग से लखनऊ आते जाते हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए ही एक्सप्रेस-वे की स्थापना की जानी है।