प्रदेश में नई टेक्नोलॉजी से लाइट हाउस मकान बनाने की तैयारी है। लखनऊ से शुरुआत के साथ इसका प्रदेश में व्यापक प्रसार करने की कवायद चल रही है। केंद्र सरकार नई टेक्नोलॉजी के मकानों के निर्माण के लिए काफी मदद कर रही है। राज्य व केंद्र प्रति मकान 5.33 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।

लखनऊ में केंद्र सरकार की मदद से लाइटहाउस योजना शुरू होने जा रही है। एक दिसंबर को प्रधानमंत्री इसका शुभारंभ करेंगे। इसमें नई टेक्नोलॉजी से मकान बनाए जाने हैं। इसमें बहुत जल्दी मकान बनकर तैयार हो जाता है। अभी कंपनियों के पास नई टेक्नोलॉजी से निर्माण के लिए संसाधन नहीं हैं। इससे इसकी निर्माण लागत ज्यादा आ रही है। जो मकान अमूमन 6 लाख में बन जाते हैं उन्हें बनाने में नई तकनीक पर करीब 12.59 लाख रुपए का खर्चा आ रहा है।

सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह बताते हैं की मकान की लागत इसीलिए बढ़ रही है क्योंकि अभी ज्यादा कंपनियां इस पर काम नहीं कर रही हैं। इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ही केंद्र व राज्य सरकार इसमें सब्सिडी दे रही है। वह कहते हैं कि जैसे-जैसे तकनीक प्रचलन में आ जाएगी, नई कंपनियां काम करना शुरू कर देंगी उसके बाद निर्माण लागत काफी कम हो जाएगी। यह मकान पूरे स्टील के फ्रेम पर बनेंगे तथा मजबूती में कहीं से भी कमजोर नहीं रहते। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को पूरे प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है।

 हर मकान  पर 5.33 लाख का अनुदान

टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए हर मकान पर 5.33 लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसका फायदा आम आदमी के साथ कंपनियों को भी होगा। कंपनियां इस टेक्नोलॉजी को अपनाकर कम समय में ज्यादा मकान बना सकेंगी। वहीं लोगों को भी पहले की तुलना में बहुत कम समय में मकान मिलेंगे। उन्हें मकान के लिए पांच पांच साल इंतजार नहीं करना होगा। 5.33 लाख में 4 लाख केंद्र सरकार तथा 1.33 लाख राज्य सरकार अनुदान दे रही है। 

जो विकास प्राधिकरण व अन्य सरकारी संस्थाएं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के मकान बनाएंगे उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपए की और सब्सिडी मिलेगी। इस तरह 12.59 लाख रुपए के मकान की कीमत में से यह ढाई लाख रुपए और कम हो जाएंगे। इसके अलावा 5.33 लाख रुपए टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से दी जाने वाली सब्सिडी की रकम भी कम हो जाएगी।

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