प्रदेश सरकार ने जनता व उद्यमियों से जुड़ी अहम सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। एक बार ऑनलाइन सेवा उपलब्ध होने के बाद वही सेवा ऑफलाइन पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगी। किसी भी सूरत में वह सेवा ऑनलाइन ही उपलब्ध होगी। यदि कोई विभागीय अधिकारी ऑफ लाइन आवेदन पत्र स्वीकार करता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह फरमान उन विभागों के अधिकारियों को दिया है, जो उद्यमियों व जनता को लाइसेंस, परमिट, प्रमाणपत्र व एनओसी उपलब्ध करवाते हैं। इसके तहत ईज आफ डूइंग बिजनेस व जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल सेवाएं इस दिसंबर तक पूरी तरह आनलाइन किए जाने की तैयारी है। अभी कुछ सेवाएं आनलाइन चालू हैं तो मैन्यूअली भी वह सेवाएं चल रही हैं। ईज आफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में नंबर दो पर आने के बाद अब यूपी को अगली रैंकिंग  सर्वे के लिए दूसरे राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने वाली है। ऐसे में यूपी सरकार अपनी सेवाएं अगले साल से पूरी तरह आनलाइन करने जा रही है। 

यह सेवाएं अब दिसंबर तक पूरी तरह हो जाएंगी ऑनलाइन: पटाखों की बिक्री की लाइसेंस व्यवस्था हो या नर्सिंग होम अल्ट्रसाउंड की सेवा, यह सब इसी महीने ऑनलाइन किए जाने की तैयारी है। सीवर कनेक्शन, फूड बिजनेस के लिए एनओसी, विज्ञापन के लिए रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण आदि, शराब बिक्री के लिए लेबल रजिस्ट्रेशन, ब्रांड रजिस्ट्रेशन, होलसेलर वेंडर लाइसेंस, इम्पोर्ट परमिट, रिटेल सेल के लिए लाइसेंस, डिस्टलरी स्थापना के लिए लाइसेंस, बाटलिंग प्लांट के लिए लाइसेंस , भारत में बनी विदेशी मदिरा व स्प्रिट बिक्री के लिए लाइसेंस आदि यह सारी सुविधाएं जब पूरी आनलाइन हो जाएंगी तब आफलाइन सेवाएं बंद हो जाएंगी। पेट्रोल पंप, डीजल पंप के लिए एनओसी, विस्फोटक निर्माण लाइसेंस, भूगर्भ जल दोहन आदि सेवाओं के लिए आनलाइन आवेदन ही स्वीकार होगा।  यह नहीं फिल्म बंधु के जरिए सबसिडी पाना भी आनलाइन ही संभव हो पाएगा।  म्यूटेशन प्रासेस को अब आनलाइन करने की तैयारी है।  वाटर कनेक्शन में म्यूटेशन का काम भी इसी तरह किया जाएगा।