रामगढ़ताल की छटा देखकर गोरखपुर आए भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लिनैन मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन से इस ताल को स्वच्छ व और सुंदर बनाने की इच्छा जताई। लिनैन ने जिलाधिकारी से कहा है कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से बात कर लें। सरकार की सहमति मिलेगी तो फ्रांसीसी तकनीक से वहां की कंपनी इस प्राकृतिक ताल को स्वच्छ करेगी। दिल्ली सरकार के साथ मिलकर फ्रांसीसी कंपनियां दो ताल को स्वच्छ करने का काम कर रही है।

शहर का चक्‍कर लगाते पहुंचे रामगढ़ ताल

गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद फ्रांसीसी राजदूत के पास पर्याप्त समय था। महिला अधिकारी ओलीविया के साथ मंदिर से निकलने के बाद उन्होंने शहर का एक चक्कर भी लगाया और जगह-जगह निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। इसपर जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों के चौड़ीकरण से लेकर विकास के कई तरह के काम चल रहे हैं। इमैनुअल रामगढ़ताल के किनारे भी पहुंचे। जिलाधिकारी ने उन्हें नया सवेरा प्रोजेक्ट के तहत बनी पूरी जेट्टी का भ्रमण कराया। फ्रांसीसी राजदूत ने कई स्थानों पर फोटो भी खींची। उन्होंने ताल की सुंदरता की सराहना करते हुए फ्रांसीसी तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि उस तकनीक से रामगढ़ताल के पानी को स्वच्छ कर कुछ हिस्सा पीने के रूप में प्रयोग किया जा सकता है, बाकी हिस्सा ताल में चला जाएगा। अभी ताल का पानी दोबारा प्रयोग नहीं किया जाता है। जिलाधिकारी ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखने को कहा है।

आटोमोबाइल सेक्टर एवं रियल एस्टेट के बारे में ली जानकारी

फ्रांसीसी राजदूत ने जिलाधिकारी से गोरखपुर में किस तरह का निवेश हो सकता है, इसके बारे में जानकारी ली। डीएम ने उन्हें बताया कि यहां टेक्सटाइल एवं स्टील से जुड़ी कंपनियों के लिए काफी संभावना है। लिनैन ने यहां आटोमोबाइल सेक्टर में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही रिएल एस्टेट सेक्टर के बारे में भी पूछा। कहा कि इसमें उनके देश की कंपनी निवेश कर सकती है। जमीन की उपलब्धता के बारे में भी उन्होंने पूछा, जिसपर डीएम ने बताया कि जमीन पर्याप्त उपलब्ध है। राजदूत ने उनसे पूछा कि गोरखपुर में कौन सी विदेशी कंपनियां काम कर रही हैं, उन्हें बताया गया कि खाद कारखाने में जापान की कंपनी काम कर रही है। कोकाकोला भी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में बाटलिंग प्लांट लगाने जा रहा है। इसके साथ ही कई विदेशी कंपनियों के आउटलेट हैं। भविष्य में भी कई कंपनियां आ सकती हैं।

पांच साल बाद फिर आउंगा बदला हुआ गोरखपुर देखने

गोरखनाथ मंदिर से निकलने के बाद शहर भ्रमण करने निकले राजदूत ने निर्माण कार्यों को देखकर जिलाधिकारी से उसके बारे में पूछा था। उन्हें बताया गया कि सब विकास कार्य है। जिसपर उन्होंने कहा कि पांच साल बाद फिर गोरखपुर आएंगे ताकि बदला हुआ गोरखपुर देख सकें। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने कहा कि फ्रांस के राजदूत ने शहर का भ्रमण किया है। उन्होंने रामगढ़ताल के किनारे सुंदरीकरण देखा और कहा कि ताल को स्वच्छ करने में उनकी रुचि है। इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। उन्होंने आटोमोबाइल सेक्टर एवं रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के बारे में भी पूछा है। इस क्षेत्र में टेक्सटाइल सेक्टर एवं आयरन स्टील सेक्टर की संभावनाओं के बारे में बताया गया।