कहते हैं हद से ज्यादा चालाकी कभी-कभी खुद पर ही भारी पड़ जाती है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 22 लाख रुपये लूटने की कहानी में भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है। फरियादी बनकर 22 लाख रुपये की लूट की सूचना देकर पुलिस को बुलाने वाले संतोष सिंह के परिवार समेत सलाखों के पीछे जाना तय माना जा रहा है। पता चला है कि संतोष टूरिस्ट वीजा पर युवकों को विदेश भेजता था। बाहर जाने के बाद युवाओं को ठगी की जानकारी होती थी। अब 29 लाख रुपये के साथ फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस ने संतोष के बैंक खाते भी खंगालने लगी है।घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।2 of 6घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस। – जानकारी के मुताबिक, तीन जुलाई 2018 को एसटीएफ ने संतोष के दफ्तर से थोड़ी दूरी पर स्थित ग्लोबल बेल्डिंग ट्रेनिंग एवं टेस्ट सेंटर पर छापेमारी कर आठ लोगों को पकड़ा था। तब भी विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी की पुष्टि हुई थी। उस समय भी संतोष का नाम सामने आया था, लेकिन पुलिस के दस्तावेजों में जांच को दबा दिया गया और धंधा फिर फलने-फूलने लगा। अब जब कि पुलिस पर लूट का दाग लगा तो वह पूरी कुंडली खंगालने लगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर बड़े गिरोह का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।संचालक संतोष सिंह का आलीशान मकान।3 of 6संचालक संतोष सिंह का आलीशान मकान। -।आलीशान घर का मालिक संतोष कर चुका है विदेश में नौकरी
संस्था के संचालक संतोष सिंह ने बताया कि वह विदेश में नौकरी कर चुका है। पुलिस ने जब उससे आलीशान मकान के बारे में जानकारी मांगी तो उसने बताया कि विदेश में कमाई रकम से उसने मकान खरीदा है। लेकिन उसने बताया कि 25 हजार रुपये ही सैलरी मिलती थी। पुलिस को शक है कि इतनी रकम से करोड़ों की संपत्ति खरीदना कैसे संभव है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *