गोरखपुर में बुधवार को दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी भवन में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता से तरकुलानी रेग्यूलेटर तथा राप्ती नदी पर बन रहे राजघाट एवं राम घाट तथा अंत्येषठी स्थल की प्रगति के बारे में पूछा। मुख्य अभियंता आलोक जैन ने बताया कि तरकुलानी रेग्यूलेटर 15 जून एवं घाट का उपरी हिस्से का कार्य दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। नदी के अंदर का कुछ कार्य रह गया है वह फरवरी के बाद होगा।

सिंचाई विभाग द्वारा खोराबार में तरकुलानी रेग्यूलेटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सांसद रहते लगातार प्रयास कर रहे थे। जब वह मुख्यमंत्री बने तो 2018 में इसका शिलान्यास किया। जब शिलान्यास किया तो इसकी लागत 40.60 करोड़ थी। बाद में उसमें कई संशोधन किया गया तो उसकी लागत बढ़कर 84.86 करोड़ हो गई।

इसके बनने से 2838 हेक्टूयर जमीन किसानों की जलमग्न होने से बच जाएगी। वहीं 47 गांव की 32 हजार आवादी इससे लाभान्वित होगी। तरकुलानी रेग्यूलेटर का कार्य 15 जून 2021 को पूरा हो जाएगा। वहीं राप्ती नदी पर पूरब तरफ राजघाट का निर्माण 1869.71 लाख की लागत से कराया जा रहा है। इसका कार्य मार्च  में ही पूरा होना था पर करोना के कारण काम रुक गया है। यह लगभग पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री इसका निरीक्षण करने आए तो इस घाट की लंबाई 50 मीटर और बढ़ाने को कहा उसका निर्माण 916 लाख की लागत से हो रहा है। उसके बगल में अंत्येष्ठि स्थल भी सिंचाई विभाग 499 लाख की लागत से बना रहा है। दूसरे छोर पर पश्चित तरफ राम घाट का निर्माण कराया जा रहा है। इस पर 1559 लाख की लागत आ रही है। यह सभी कार्य दिसम्बर तक पूरा हो जाएंगे।

समीक्षा बैठक में मौजूद सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने बताया कि सभी घाट का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। नदी के अंदर 12 मीटर तक कंकरीट की ढलाई शीट पाइल डाल कर की जाती है। अधिकतर कार्य उसका भी हो गया है। जो बचा है नदी का पानी घटने पर फरवरी के बाद किया जाएगा।