सुशांत गोल्फ सिटी में रहने वाले डीआईजी चंद्रप्रकाश की 36 वर्षीय पत्नी पुष्पा प्रकाश ने शनिवार सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना से कुछ मिनट पहले ही डीआईजी घर से निकले थे।

पुष्पा प्रकाश ने फंदे से लटकने से पहले पति को फोन कर कहा कि आपकी जिंदगी आपको मुबारक, मैं जा रही हूं। यह सुनते ही डीआईजी घर लौटे। हालांकि, तब तक पुष्पा कमरा भीतर से बंद कर खुदकुशी कर चुकी थीं।

उन्होंने दरवाजा तोड़कर फंदा काटा और पत्नी को अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जेसीपी कानून व्यवस्था नवीन अरोरा समेत अन्य अफसरों ने डीआईजी के घर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली व परिवारीजनों को संभाला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

एडीसीपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि डीआईजी चंद्र प्रकाश फिलहाल उन्नाव पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में तैनात हैं। उनके परिवार में पत्नी पुष्पा प्रकाश के अलावा 13 साल की बेटी अनन्या, 12 वर्षीय कृतिका और सात साल का बेटा दिव्यांश हैं। शनिवार सुबह वह शासन के किसी काम से घर से निकले थे। कुछ देर बाद पुष्पा प्रकाश ने उन्हें कॉल किया। पुष्पा ने कहा कि आपकी जिंदगी आपको मुबारक। मैं जा रही हूं। यह कहकर उन्होंने फोन कॉल डिसकनेक्ट कर दी। उधर, डीआईजी चंद्रप्रकाश के होश उड़ गए। उन्होंने पुष्पा के नंबर पर कॉल की पर फोन नहीं उठा। वह तत्काल घर लौट पड़े।विज्ञापन

पत्नी को दुपट्टे के फंदे से लटका देखा

पुलिस के मुताबिक, घर पर उनके बच्चे व नौकर भूतल पर थे जबकि पुष्पा प्रकाश पहली मंजिल पर स्थित कमरे में थीं। डीआईजी चंद्र प्रकाश प्रथम तल पर पहुंचे और पुष्पा के दरवाजा खटखटाया। दरवाजा भीतर से बंद था। पुष्पा की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने धक्का देकर दरवाजा तोड़ दिया। भीतर दुपट्टे के फंदे से पत्नी को लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

आनन-फानन में फंदा काटकर पुष्पा को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुशांत गोल्फ थाना की पुलिस का कहना है कि पुष्पा ने खुदकुशी से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं लिखा था। उन्होंने खुदकुशी क्यों की? यह बात भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जा रही है।विज्ञापन

आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों का लगा जमावड़ा

डीआईजी चंद्रप्रकाश की पत्नी के खुदकुशी करने की सूचना मिलते ही लोहिया अस्पताल और सुशांत गोल्फ सिटी स्थित घर पर आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। डीजी फायर सर्विस अजय, एडीजी चंद्रप्रकाश, डसीपी पूर्वी चारू निगम, डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर, एसीपी डॉ. अर्चना सिंह समेत कई अधिकारी ने परिजनों को सांत्वना दी।

पुष्पा मूलरूप से आजमगढ़ की रहने वाली थीं। उनके एक भाई हापुड़ में एसडीएम हैं। तीनों बच्चे सुशांत गोल्फ सिटी परिसर में ही स्थित जीडी गोयनका स्कूल में पढ़ते हैं।

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