लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 3317 सहायक शिक्षकों के पद और नियुक्ति वितरण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरी का एकमात्र मानक मेरिट है. इसमें गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है. इसके बावजूद नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ तो दोषियों को जेल होगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को सहायक शिक्षक पदों के कार्यक्रम में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे. लखनऊ में अपने आवास पर सीएम ने बाराबंकी की ज्योति शर्मा और अखलाख, लखनऊ की कीर्ति वर्मा, प्रयागराज के संदीप कुमार सिंह और अयोध्या की सुमित्रा देवी को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिया. उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य की बधाई दी. 

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि मौजूदा युग तकनीक का है. खुद भी तकनीक से अपडेट रहें और बच्चों को भी अपडेट करें. मुख्यमंयत्री ने कहा कि जो जिस लायक है उसकी मेरिट का सम्मान करते हुए वह जगह मिल रही है. मेरिट के आधार पर 3.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद कीजिए साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की शोहरत किस वजह से थी. अब उसके उलट यह नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए जाना जाता है. उन्होंने कहा कि अब यहां नियुक्ति का एकमात्र मानक मेरिट है. आप लोगों का चयन खुद में इसका प्रमाण है. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि समय से सत्र, नकल विहीन परीक्षा और तय समय में नतीजे हमारी उपलब्धियां रही हैं. पठन-पाठन के क्षेत्र में भी विभाग ने गुणात्मक सुधार किया है.

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