महराजगंज की एक महिला ने लखनऊ में विधान भवन के सामने मंगलवार दोपहर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने आननफानन आग बुझाकर अंजली तिवारी उर्फ आयशा को सिविल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के मुताबिक महिला का शरीर 90 प्रतिशत जल चुका है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय समेत अन्य अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अंजली की पहली शादी 2014 में महराजगंज के अखिलेश तिवारी से हुई थी। करीब चार साल तक दोनों साथ रहे, फिर मनमुटाव होने पर अलग हो गए। इसके बाद वह आसिफ के संपर्क में आई। उसने धर्म बदलकर आयशा नाम रख लिया और आसिफ से निकाह कर लिया। आसिफ के साथ वह दो-तीन साल रही।

आसिफ काम के सिलसिले में सऊदी अरब चला गया। वह आसिफ के घरवालों के साथ रहना चाहती थी, लेकिन उन्होंने साथ रखने से इनकार कर दिया। इससे क्षुब्ध महिला ने पुलिस से शिकायत की, पर उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वह मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ आई। यहां भी मुलाकात न हो पाने पर उसे कोई रास्ता नहीं दिखा तो आत्मदाह की कोशिश की। पूरी जानकारी के लिए पुलिस की एक टीम महराजगंज भेजी गई है।

दबाव में आई पुलिस… हर महिला के बैग-बॉटल की तलाशी ली

आत्मदाह की कोशिश रोकने में असफल रही राजधानी पुलिस तिलमिला गई। उसने सड़क पर आती-जाती महिलाओं को खींच-खींचकर सरेराह उनकी तलाशी शुरू कर दी। दरअसल, खबर मिली थी कि दो और महिलाएं आत्मदाह को विधान भवन के आसपास आ रही हैं। ऐसे में हजरतगंज चौराहे से बापू भवन के बीच जितनी महिलाएं पैदल या ऑटो और ई-रिक्शा में नजर आईं, सबको रोक-रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान कुछ से धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस की कार्रवाई से महिलाओं में गुस्सा दिखा।

जगह-जगह पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने के बावजूद महाराजगंज की महिला ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के सामने शरीर पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली। इससे तिलमिलाई पुलिस ने गुस्सा काम से हजरतगंज इलाके में आईं अन्य महिलाओं पर उतारा। अचानक धर-पकड़ होते देख महिलाएं दहशत में आ गईं।

पुलिसकर्मी हैंडबैग और बैग लेकर जा रही महिला को खींचकर ले जाने लगीं तो वह घबराकर चीखने लगीं। बताया कि वह बच्चे की फीस जमा करने जा रही हैं, लेकिन पुलिस को विश्वास नहीं हुआ। महिला को सड़क किनारे ले जाकर उसके बैग की तलाशी ली गई।

महिला को जलते देख घबरा गई दूसरी महिला

उधर, पुलिस का कहना है कि आत्मदाह का ऐलान करने वाली महिलाओं की पहचान नहीं थी, इसलिए सबकी तलाशी ली गई। एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि तलाशी के दौरान ही एक महिला को पकड़ा गया जो गोंडा से आत्मदाह करने आई थी। हालांकि, उससे कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।

उसने बताया कि वह आत्मदाह करने आई थी, लेकिन एक महिला को जलते देखकर घबरा गई और फैसला बदल दिया। एसीपी के अनुसार महिला ने माफी मांगी। इस पर उसे चेतावनी देकर गोंडा भेजवा दिया गया।

By S.P. Singh

Senior Journalist

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