लखनऊ। दीपावली पर लखनऊ और दिल्ली में ट्रेनों की वेटिंग से परेशान याित्रयों का तेजस एक्सप्रेस स्पेशल में फिलहाल रिजर्वेशन नहीं हो सकेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे के निजीकरण की तैयारियों के बीच कारपोरेट सेक्टर की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का भविष्य उसकी सीटों की अगले कुछ दिन की बुकिंग तय करेगी। एक सीट छोड़कर तेजस एक्सप्रेस स्पेशल में बुकिंग का नियम लागू किया गया है। ऐसे में बची हुई 50 फीसद सीटों की डिमांड कम होने पर इस महत्वपूर्ण ट्रेन के संचालन पर ब्रेक लग सकता है। यहीं कारण है कि भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने केवल 10 दिन का ही एडवांस रिजर्वेशन पीरिएड तय किया है। इन 10 दिन में यदि ट्रेन की डिमांड कम हुई तो अगले फेरों के संचालन पर इसका असर पड़ सकता है।

दरअसल निजी हाथों में ट्रेनें चलाने के लिए रेल मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में कारपोरेक्ट सेक्टर की पहली तेजस ट्रेन की शुरुआत लखनऊ से नई दिल्ली के बीच शुरू की। इस ट्रेन की बुकिंग का अधिकार और टीटीई की व्यवस्था आइआरसीटीसी के पास रखी गई। जबकि निजी कंपनी की ट्रेन होस्टेज, कैटरिंग के अलावा पहली बार ट्रेन के लेट होने पर याित्रयों को मुआवजा देने तक की व्यवस्था की गई। एक वरिष्ठ अफसर की तैनाती कंट्रोल रूम में की गई। जो लखनऊ से नई दिल्ली तक ट्रेन को प्राथमिकता पर चलाने के तैयारी करते है। हालांकि यह ट्रेन 19 मार्च 2020 तक केवल छह महीने ही चली थी कि कोरोना ने इसके पहिए में ब्रेक लगा दिया। अब रेलवे ने लखनऊ नई दिल्ली के साथ कारपोरेट सेक्टर की ही मुंबई-अहमदाबाद तेजस को 17 अक्टूुबर से चलाने की अनुमति दी है। दोनों ही ट्रेनों में बीच की सीट खाली रखना होगा। दीपावली पर जबकि ट्रेन की खासी डिमांड रहती है। वेटिंग लिस्ट ही 350 से अधिक हो जाती है। इस ट्रेन में 50 फीसद सीट कम होने पर इसके मुनाफे पर असर पड़ेगा। आइआरसीटीसी ने ट्रेन को होने वाले घाटे की आशंका को देखते हुए एडवांस रिजर्वेशन पीरिएड केवल 10 दिन ही रखा है। लखनऊ नई दिल्ली तेजस की अभी 17 से 19 और मुंबई अहमदाबाद तेजस की 17 से 20 अक्टूबर तक ही बुकिंग खोली जा सकी है। ऐसे में दीपावली के रिजर्वेशन के लिए याित्रयों को इस माह के अंत तक का इंतजार करना पड़ेगा।

By S.P. Singh

Senior Journalist

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