पुराने लखनऊ में लाइन लॉस का ग्राफ करने के लिए बिजली चोरों को पकड़ने का काम अभियंताओं ने शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह पांच बजे दो टीमों ने एक साथ नानक नगर फीडर से पोषित सुनार वाली गली में छापा मारा। यहां लाइन से घरों में कटिया लगी थी। अभियंताओं ने उपभोक्ताओं की नींद में खलल नहीं डाला। यहां बिजली कर्मियों ने कटिया उतारनी शुरू की तो घरों के एसी चलना बंद हो गए। फिर उपभोक्ताओं की खुद ही नींद खुल गई। बाहर झांका तो होश उड़ गए। यहां एक-एक घर में दो-दो एसी कटिया से चल रहे थे।

उपभोक्ताओं को जब घंटी बजाकर बिजली चोरी का कारण पूछा गया तो अभियंताओं से आगे बिजली चोरी न करने की विनती करते हुए इस बार छोड़ने की बात करने लगे। अभियंताओं ने चालीस मिनट में चौदह उपभोक्ताओं के घरों में बिजली चोरी पकड़ी। इनके खिलाफ बिजली थानों में बिजली चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कराया जाएगा। अधीक्षण अभियंता बीएन शर्मा के निर्देश पर अधिशासी अभियंता ज्ञान प्रकाश ने दो टीमे बनाई थी। एक टीम का नेतृत्व नादान महल रोड के उपखंड अधिकारी परविंदर कुमार कर रहे थे। इनकी टीम में मेहताब बाग के अवर अभियंता मनीराम थे और अन्य स्टाफ। दूसरी टीम में अवर अभियंता नादान महल दिनेश कुमार टीम के साथ सुनार वाली गली में घुसे।

अभियंताओं के मुताबिक यह क्षेत्र संवेदनशील की श्रेणी में बिजली विभाग मानता है और यहां बिजली चोरी की शिकायतें आ रही थी। इसलिए अधिक से अधिक उपभोक्ता बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाए, इसलिए दो तरफ से छापा मारा गया। छापे के दौरान नजर मोहम्मद काजमी के घर में कटिया से दो एसी चल रहे थे। इनके यहां साढ़े चार किलोवॉट की बिजली चोरी पायी गई। इसी तरह रागिनी गुप्ता भी करीब 2250 वॉट की बिजली चोरी मिली। इनके यहां भी कटिया से एसी चलाया जा रहा था।