गोरखपुर जिले के गगहा और चौरीचौरा इलाके में रुपये दोगुना करने का लालच देकर कंपनी ने लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए और फरार हो गई। रविवार को जालसाजी के शिकार लोगों ने दोनों थानों पर प्रदर्शन किया। गगहा थाने पहुंचे लोगों ने तहरीर देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गगहा पुलिस एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

उधर, चौरीचौरा थाने पहुंचे लोगों और एजेंटों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। उनका कहना है कि कंपनी के लोगों की फोरलेन के किनारे जमीन है। उस जमीन को बेच कर पुलिस उनकी रकम वापस दिलाए। चौरीचौरा पुलिस कंपनी के डायरेक्टर और एक अन्य अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

हाटा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक, डेमुसा निवासी अशोक कुमार रविवार को कई अन्य पीड़ितों के साथ गगहा थाने पहुंचे और तहरीर दी। आरोप है कि उनके गांव के रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कई लोगों से पांच साल में रकम दोगुनी कराने के नाम पर यूनिवर्सल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में रकम जमा कराई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और उनके बेटे ने आश्वासन दिया था कि कंपनी के भागने पर वह खुद रकम वापस करेंगे।

आरोप है कि जब समय पूरा हो गया तो कंपनी फरार हो गई। यह भी आरोप है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य कंपनी के भागने के बाद भी लोगों से रकम जमा करा रहे थे। अशोक के अलावा विशाल, विराट, श्रीकांत, श्रीभागवत, श्रीकिशन, बिंदू, श्याम विहारी पाल, गिरीश चंद चौधरी से भी रकम जमा कराई गई। इसमें से कई लोग लोग फोरलेन निर्माण में मुआवजे की रकम पाए थे। उधर, हिरासत में लिए गए पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि वह कंपनी के एजेंट थे। लोगों का पैसा जमा कराया, लेकिन कंपनी भाग गई। वह कंपनी पर पहले ही केस दर्ज करा चुके हैं।

चौरीचौरा इलाके में लोगों से जमा कराए 200 करोड़

चौरीचौरा प्रतिनिधि के मुताबिक, कंपनी के खाताधारकों व एजेंटों ने जमा धनराशि की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी भुगतान न होने पर थाने पर प्रदर्शन किया। डायल 112 की पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर व एक अन्य अधिकारी को हिरासत में लिया है।

डेढ़ सौ की संख्या में थाने पहुंचे लोगों ने बताया कि आवर्ती जमा, फिक्सड डिपाजिट, मासिक पेंशन योजना व बचत खाता के माध्यम से करीब दो सौ करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। एजेंट अशोक, रामदयाल, दिनेश सिंह, त्रिलोक, गीता जायसवाल तथा योगेंद्र आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि जमा रकम की परिपक्वता अवधि पूरी होने बाद भी कंपनी उपभोक्ताओं का भुगतान नहीं कर रही है।

कंपनी द्वारा जालसाजी का मामला सामने आया है। लोगों ने थाने पर प्रदर्शन कर तहरीर दी है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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