लखनऊ डबल मर्डर में नया मोड़, पिता बोले बेटी को कोई बीमारी नहीं, वह नहीं कर सकती हत्या

लखनऊ डबल मर्डर में नया मोड़, पिता बोले बेटी को कोई बीमारी नहीं, वह नहीं कर सकती हत्या

लखनऊ में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में अब एक नया मोड़ आया है। आरोपी बच्ची के पिता ने बच्ची द्वारा हत्या किए जाने की बात पर शक जताया है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रेलवे अधिकारी राजेश दत्त बाजपेई ने बताया कि 14 साल की बेटी अपनी उम्र से कहीं ज्यादा प्रतिभावान है। उन्होंने बेटी को किसी भी तरह की बीमारी की बात से इनकार करते हुए मां और भाई की हत्या करने की बात पर भी शक जताया है।

रेलवे अधिकारी का कहना है कि बेटी पढ़ाई में तो अव्वल है ही, राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज भी है। इसके अलावा वह कथक नृत्य करती है। उसे पियानो और गिटार के साथ ही पांच तरह के साज बजाने आते हैं। ऐसी प्रतिभावान बच्ची के हाथों से इतनी बड़ी घटना सुनकर किसी को यकीन ही नहीं हुआ। 

राजेश दत्त बाजपेई और मालिनी की मां के साथ ही कोई भी व्यक्ति मानने को तैयार नहीं है कि मासूम बच्ची ऐसा कर सकती है। राजेश दत्त बाजपेई ने बैकुंठधाम में अपने परिवार के सदस्यों से यह बात कही भी थी कि बेटी इतना जघन्य काम नहीं कर सकती। उधर, घर में रो-रोकर बेहाल उसकी नानी भी दिनभर यही कहती रहीं कि कोई मेरी बेटी और नाती को मारकर चला गया। 

बच्ची के रिश्तेदारों ने बताया कि अगले दो सप्ताह में पूरे परिवार को यहां से दिल्ली शिफ्ट होना था। सर्वदत्त भी पढ़ाई में अव्वल था। बीते वर्ष ही उसने 96 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उसे पत्र भेजकर बधाई भी दी थी। राजेश दत्त बाजपेई ने बच्चों का दिल्ली के स्कूलों में दाखिला भी करा दिया था। बच्ची को उन्होंने संस्कृति कॉलेज में एडमिशन दिलाया था। 

बच्ची ने मां के अलावा एक शब्द नहीं बोला
मालिनी और सर्वदत्त के शव जब घर पहुंचे तो परिवारीजन अंतिम दर्शन के लिए बच्ची को उसके कमरे से बाहर लेकर आए। मां और भाई के शव देखते ही बच्ची जहां खड़ी थी, जड़ होकर वहीं बैठ गई। उसके मुंह से सिर्फ मां शब्द निकला। वह इतने सदमे में थी कि आंखों से आंसू भी नहीं निकले। कुछ देर तक वह गुमसुम बैठी रही। इस दौरान उसके मुंह से सिर्फ मां-मां ही निकला। थोड़ी देर के 

मां-बेटी पहनती थीं एक ही रंग के कपड़े
आरडी बाजपेई ने बताया कि मालिनी और उनकी बेटी के बीच की केमिस्ट्री बहुत अच्छी थी। मालिनी बेटी को बहुत प्यार करती थीं। दोनों जब भी कपड़े खरीदतीं, एक ही रंग और स्टाइल के होते थे।

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