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3 अगस्त 2020: : रक्षा बंधन पर तीन विशेष संयोग भाई-बहन के लिए शुभ

3  अगस्त  को रक्षा बंधन के लिए सुबह 8.31 बजे से रात 8.20 बजे तक विशेष मुहूर्त रहेगा ०००

** रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह दिन भाई बहन के लिए राखी बांधने के साथही साथ एक-दूसरे के कल्याण की प्रार्थना के लिए शुभ रहता है। इस तिथि को सौम्या तिथि कहते हैं। इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव की पूजा करने से व्यक्ति का हर क्षेत्र में उन्नति होती  है।*

इस दिन सोमवार और श्रवण नक्षत्र है। जिस कारण  एक दुर्लभ सिद्ध योग है। इस योग में  चंद्रमौलि शिव की और चन्द्रमा की उपासना करने सुख शांति और समृद्धि आती है।जो लोग नजर दोष को मानते हैं वे लोग इस दिन भाई पर लगी हुए नजर दोष को भी दूर करने के उपाय कर सकते हैं। फिटकरी लेकर उसे सात बार भाई के ऊपर से उतार कर उस फिटकरी को चूल्हे में जला दें, या किसी चौराहे पर फेंक दें। ऐसा करने से नजर दोष दूर होता है।*

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और भी मजबूत कर देता है। राखी यूं तो कहने को रेशम की कच्ची डोर होती है लेकिन यह भाई बहन के मजबूत रिश्ते की निशानी होती है। इस डोर से भाई अपनी बहन के प्रति वचनबद्ध होता है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।*

इस दौरान बहन अपनी भाई को किसी भी समय राखी बांध सकेंगी।परन्तु इस दिन सोमवार है ,जिस कारण  सोमवार को राहु काल सुबह 07:12  से 9 बजे तक रहता है। इस कारण से 9 बजे के बाद जब शुभ चौघड़िया मिल जाएगी।  तब रक्षा बंधन का कार्य करना अति उत्तम होगा। इस दिन शुभ चौघड़िया 8 :52 से 10 :32 तक रहेगी। इसके बाद 1 :52 से 8 :12 शाम तक किसी भी समय राखी बाँधी जा सकती है।*

राखी को सही समय पर सही विधि से बांधना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठाना चाहिए। इसके बाद बहन को अच्छे से पूजा की थाली सजानी चाहिएष पूजा की थाली में चावल, रौली, राखी, दीपक होना चाहिए। इसके बाद बहन को भाई के अनामिका उंगली से टीका कर चावल लगाने चाहिए।*

अक्षत अखंड शुभता को प्रदर्शित करते हैं। उसके बाद भाई की आरती उतारनी चाहिए और उसके जीवन की मंगल कामना करनी चाहिए। कई जगह बहनें इस दिन अपने भाई की सिक्के से नजर भी उतारती हैं।**

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