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CM योगी आदित्यनाथ का निर्देश, शिक्षा विभाग की ‘डेडिकेटेड टीम’ जांचे एक-एक शिक्षक के डॉक्युमेंट

CM Yogi Adityanath कोरोना वायरस के संक्रमण काल में लॉकडाउन की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर शिक्षक का डॉक्युमेंट चेक करने का निर्देश दिया है।

Story Highlights
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लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों से जुड़े अनामिका शुक्ला प्रकरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कहने वाली योगी सरकार को इन मामलों पर विपक्ष की घेरने की पूरी तैयारी में है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराने के लिए ‘डेडिकेटेड टीम’ गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के हर शिक्षक का डॉक्युमेंट चेक करने का निर्देश दिया है। 

हाल में शिक्षा विभाग के कुछ मामलों ने विपक्ष को सरकार पर अंगुली उठाने का मौका दे दिया है। 69000 शिक्षक भर्ती में प्रयागराज में गड़बड़ी सामने आने पर जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। वहीं, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम फर्जी नियुक्तियां उजागर होने के साथ ही अनियमितता की परतें खुलती जा रही हैं। इससे नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित टीम-11 की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की।

पारदर्शी और शुचितापूर्ण व्यवस्था पर जोर देने के साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, कस्तूरबा गांधी और समाज कल्याण विभाग के सभी स्कूलों में जो भी शिक्षक नियुक्त हैं, उन सभी के दस्तावेजों की जांच कराई जाए। इसके लिए अलग से विशेष टीम बनाई जाएगी। जहां भी कोई गड़बड़ी मिले, सख्त कार्रवाई की जाए। योगी ने महिलाओं, एससी-एसटी, गो हत्या और गो तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई के लिए कहा है।
 

दित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के साथ ही अनलॉक की समीक्षा की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम को निर्देश दिया कि सभी कामगार व श्रमिकों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार कार्ययोजना तैयार करे। सरकार इन सभी को रोजगार देने के लिए हर स्तर पर संल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने इनकी स्किल मैपिंग कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 51 लाख से अधिक कामगार व श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा गया है।

 

लाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हें ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ा जाए। इनको अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने जैसी गतिविधियों के तहत उन्हेंं रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। इसके साथ ही साथ अलावा अचार, मुरब्बा, पापड़, सिलाई आदि गतिविधियों के तहत रोजगार की काफी सम्भावनाएं हैं। महिलाओं को कारगर प्रशिक्षण देकर उन्हेंं रोजगार के लिए तैयार किया जाए।

सभी श्रमिक व कामगारों को खाद्य सुरक्षा

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी श्रमिक व कामगारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए राशन कार्ड बनाने की चल रही प्रक्रिया को गति दें। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्थापित सभी कवॉरंटाइन सेंटर तथा कम्युनिटी किचन को सक्रिय रखें। सभी जगह पर इनकी साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन का कार्य निरन्तर किया जाए। शहर तथा गांव में निगरानी समितियों को लगातार सक्रिय रखा जाए।

 

हाई अलर्ट पर रहे स्वास्थ्य विभाग

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सभी कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों में सभी डॉक्टर्स, नर्स तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ सक्रिय रहे। सभी लोग मरीज के घरवालों से भी संवाद रखें। उन्होंने पैरामेडिक स्टाफ की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके साथ कहा कि सभी अस्पतालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए इनका लगातार सैनिटाइजेशन कराया जाए। हर जगह पर रोज बेडशीट बदली जाए। मरीजों को पीने के लिए गुनगुना पानी दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें गर्म व ताजा भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों को लगातार सक्रिय रखा जाए। इन्हेंं सक्रिय रखकर ही कोरोना के प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने फोर्स में भी इन्फेक्शन को रोकने के सभी उपाय करने के निर्देश दिए।

आर्थिक सुरक्षा के लिए बनेगी कार्ययोजना

 
 

लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि हर कामगार और श्रमिक का बीमा होना चाहिए। इन सभी को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार कार्ययोजना तैयार करेगी। खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए इनके राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। वहीं, महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हेंं ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए फूलों से धूप और अगरबत्ती बनाने के कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा।

अपराधियों पर कसें शिकंजा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराधी को जरा भी आजादी न मिले। यहां महिला, एससी/एसटी गो-हत्या तथा गो-तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार तथा सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

आपदा में भी अवसर: करीब डेढ़ लाख प्रवासी कामगारों को CM योगी आदित्यनाथ देंगे जॉब ऑफर लेटर

लखनऊ, Opportunity in disaster in UP: पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘आपदा में भी अवसर’ पर सीएम योगी आदित्यनाथ तेजी से अमल कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में आए प्रवासी कामगार तथा श्रमिकों की स्किल मैपिंग के बाद अब उनको रोजगार देने की बारी है। इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ करीब डेढ़ लाख प्रवासी कामगार व श्रमिकों को नौकरी का ऑफर लेटर सौंपेंगे।

स्किल मैपिंग के बाद जिनको आज आज ऑफर लेटर मिलेगा, उन सभी को गारमेंट इंडस्ट्री के साथ रियल एस्टेट सेक्टर में काम मिलेगा। कोरोना वायरस के कहर से पहले ही रियल एस्टेट सेक्टर का काम काफी मंदा पड़ा था। सरकार की ओर से तमाम रियायत मिलने के बाद अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है।

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में लॉकडाउन के समय विभिन्न राज्यों से प्रदेश में लौटे प्रवासी कामगार व श्रमिकों की संख्या लाखों में है। योगी आदित्यनाथ सरकार इनके हुनर के आधार पर इनको रोजगार दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके माध्यम से करीब डेढ़ लाख प्रवासी कामगर तथा श्रमिकों को रोजगार के ऑफर लेटर सौंपेंगे। उनको यह रोजगार एमएसएमई सेक्टर और रियल एस्टेट से प्रदान कराया जा रहा है। लखनऊ में होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। आज जिन-जिन प्रवासी श्रमिकों को नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिया जाएगा उन्हेंं नोएडा के गारमेंट इंडस्ट्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल कहा था कि मनरेगा के तहत प्रदेश में 57 लाख 12 हजार श्रमिकों को कार्य मिला है। यह संख्या वर्तमान में देश में सर्वाधिक है। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिया कि सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराते हुए इन इकाइयों में रोजगार की आवश्यकता का आंकलन किया जाए और डिमांड के अनुरूप मैन पॉवर मुहैया करवाया जाए।

मुख्यमंत्री अधिकारियों को यह निर्देश भी दे चुके हैं कि वापस लौटे श्रमिकों और कामगारों का पलायन फिर से न हो, लिहाजा सभी को उनकी योग्यता, अनुभव और क्षमता के अनुरूप प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, यूनिवॢसटी, सड़क निर्माण, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

अकुशल कामगारों को रोजगार देने में अव्वल

कोरोना वायरस आपदा की विषम परिस्थितियों में भी अकुशल श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के मामले में उत्तर प्रदेश अव्वल है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 5712975 अकुशल कामगारों को वर्तमान में रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। अकुशल कामगारों को रोजगार दिलाने में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 18 फीसद है।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न राज्यों से प्रदेश में लौटे 32 लाख प्रवासी कामगारों की सरकार ने स्किल मैपिंग कराई है। इनमें से सात लाख कुशल कामगार पाए गए हैं जबकि शेष 25 लाख अकुशल हैं। अकुशल कामगारों को रोजगार दिलाने के मामले में दूसरा स्थान राजस्थान का है। वहां 5345337 अकुशल कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की हिस्सेदारी 17 फीसद है। तीसरे पायदान पर आंध्र प्रदेश है जो 3657857 अकुशल कामगारों को रोजगार दिला रहा है। चौथे स्थान पर पश्चिम बंगाल और पांचवें पर मध्य प्रदेश है।  

 

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